गढ़वा जिले के रंका में नाना पाटेकर की यादें आज भी जीवित
झारखंड के गढ़वा जिले के रंका क्षेत्र में मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर की लगभग चार दशक पुरानी यादें आज भी लोगों के दिलों में ताजा हैं। उनके निधन की खबर सुनते ही रंका के स्थानीय निवासी शोक की लहर में डूब गए हैं। करीब 40 साल पहले रंका के राजमहल में फिल्म निर्देशक तपन सिन्हा की चर्चित फिल्म ‘आज का रॉबिनहुड’ की शूटिंग हुई थी, जिसमें नाना पाटेकर मुख्य भूमिका में थे।
रंका में नाना पाटेकर की शूटिंग और दर्शकों का उत्साह
उस समय नाना पाटेकर रंका में ही ठहरे थे, और उनके देखने के लिए आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग रंका राजमहल के पास पहुंचते थे। उस समय मोबाइल और इंटरनेट जैसी सुविधाएं नहीं थीं, इसलिए किसी प्रसिद्ध कलाकार को सामने देखकर स्थानीय लोग उत्सव जैसा माहौल बना लेते थे। जैसे ही अभिनेता के आने की खबर फैलती, राजमहल के आसपास भीड़ उमड़ पड़ती थी।
फिल्मी माहौल और नाना पाटेकर का प्रभाव
शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर अपने बेटे को घोड़े पर चढ़ाते हुए एक संवाद बोल रहे थे, “सीखना है तो गिरना है, चिपककर बैठना होगा घोड़े पर,” उनकी आवाज और संवाद अदायगी का अंदाज आज भी लोगों को याद है। उनके अभिनय की खास शैली और किरदार में पूरी तरह ढल जाने की क्षमता ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। रंका के लोग आज भी उस समय की यादें ताजा करते हैं, जब नाना पाटेकर रंका के राजमहल में रुके थे।











