भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी की हत्या का खुलासा
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की निर्मम हत्या के चार दिन बाद पुलिस ने महत्वपूर्ण कार्रवाई शुरू की है। इस जघन्य अपराध के मुख्य संदिग्ध और फरार केयरटेकर वरुण कुमार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
अधिकारियों के अनुसार, टीटी नगर क्षेत्र की असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) अंकिता खातरकर ने बताया कि आरोपी वरुण कुमार (33) की गिरफ्तारी के लिए 12 विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो देश के चार राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चल रही व्यापक छापेमारी
पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी केयरटेकर को महज तीन दिन पहले ही राकेश अग्रवाल की देखभाल के लिए नियुक्त किया गया था। यह पूर्व आईएएस अधिकारी लंबे समय से बीमार चल रहे थे और पंजाब के पटियाला (नाभा) निवासी वरुण कुमार को घटना से पहले ही उनके घर पर रखा गया था।
पुलिस का मानना है कि 30 सितंबर को आरोपी ने राकेश अग्रवाल का गला काटकर बेरहमी से हत्या कर दी और उनका मोबाइल फोन भी साथ ले गया। घटना का खुलासा तब हुआ जब बुधवार तड़के रातीबड़ पुलिस थाना क्षेत्र में उनके घर से उनका शव बरामद किया गया।
हत्या का भयानक षड्यंत्र और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्या के दौरान कोई संघर्ष या हाथापाई के संकेत नहीं मिले हैं, जिससे प्रतीत होता है कि आरोपी ने अचानक या सोते समय हमला किया। हत्या के बाद आरोपी ने घर में आग लगाने का प्रयास किया। उसने गैस सिलेंडर का पाइप हटा दिया और पास में ही बिजली से चलने वाली आयरन (प्रेस) छोड़ दी, ताकि गैस रिसाव के बाद विस्फोट हो और घर जलकर खाक हो जाए।
पुलिस ने बताया कि भोपाल के अलावा मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र में भी आरोपी की तलाश में छापेमारी तेज कर दी गई है। चूंकि आरोपी पहले पुणे (महाराष्ट्र) में काम कर चुका है, इसलिए इन राज्यों में विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि घटना वाली रात राकेश अग्रवाल की पत्नी ने उन्हें दवा दी थी, और उसके बाद ही आरोपी केयरटेकर को घर के बाहर देखा गया। चूंकि घर में CCTV कैमरे नहीं लगे थे, इसलिए पुलिस आसपास के इलाकों और मार्गों के फुटेज खंगाल रही है।










