चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग तेज
शुक्रवार को राजधानी दिल्ली के विभिन्न इलाकों में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर व्यापक प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों में भाग लेने वालों ने सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी नाराजगी जाहिर की।
वहीं, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने शनिवार को जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। इस प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में बैरिकेडिंग लगाई गई है और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
प्रदर्शनकारियों का आरोप और पुलिस की सख्ती
नेहा बोरा, योगेंद्र यादव जैसे कई प्रमुख एक्टिविस्ट और AISA के नेता जंतर-मंतर पर एकत्रित होने वाले हैं। इन नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यशैली और चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं। इन समूहों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि यह आंदोलन अब सिर्फ विश्वविद्यालय कैंपस और सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़कों पर भी उतर आएगा।
पुलिस ने इस मामले में तीन एफआईआर दर्ज की है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है। जंतर-मंतर पहुंचने वाले लोगों से पहचान पत्र और उनके आने का कारण पूछा जा रहा है। बिना उचित कारण और पहचान के किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। साथ ही, पुलिस ने रैपिड ऐक्शन फोर्स (RAF) की भी तैनाती की है।
देशभर में प्रदर्शन और राजनीतिक प्रतिक्रिया
बता दें कि बिहार से महाराष्ट्र तक, SIR (स्मार्ट इनिशिएटिव रिपोर्टिंग) और वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने जैसी मुद्दों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग इन सवालों का जवाब नहीं दे रहा है। लेफ्ट संगठनों ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है और नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार की बात कही है।
योगेंद्र यादव ने इसे लोकतंत्र और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को बचाने का प्रयास बताया है। इन प्रदर्शनों में छात्रों, युवाओं और नागरिकों से बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की गई है।
महाराष्ट्र के मुंबई में भी शुक्रवार को प्रदर्शन हुआ, जिसमें शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और लेफ्ट कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर चेतावनी दी है कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तो 10 अक्टूबर से जंतर-मंतर पर फिर से आंदोलन शुरू किया जाएगा।









