दतिया में पुरातात्विक खजाने का खुलासा: मुगल कालीन सिक्के मिले
मध्य प्रदेश के दतिया जिले में एक बार फिर पुरातात्विक महत्व की खबरें सुर्खियों में हैं। 2 अक्टूबर को लक्ष्मण तालाब क्षेत्र में एक परिवार को मिट्टी की सफाई के दौरान प्राचीन मुगल कालीन चार सिक्के प्राप्त हुए। इन सिक्कों की खोज ने क्षेत्र में हलचल मचा दी है। स्थानीय निवासी ने लालच से बचते हुए इन ऐतिहासिक वस्तुओं को अपने पास रखने के बजाय तुरंत जिला प्रशासन को सौंपने का निर्णय लिया।
सिक्कों का इतिहास और प्रशासनिक कदम
अंजू रजक नामक महिला अपने प्लॉट की सफाई कर रही थीं, तभी मिट्टी में दबे हुए ये पुरातात्विक सिक्के उनके हाथ लगे। इन पर उर्दू में कुछ लिखा हुआ था, जिसे महिला समझ नहीं सकी। उन्होंने तुरंत अपने पति श्री प्रीतम रजक को सूचित किया। इस ऐतिहासिक खजाने की महत्ता को समझते हुए, उन्होंने इन सिक्कों को छुपाने या बेचने के बजाय जिला कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े के पास जमा कराने का फैसला किया। दोनों सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचे और इन सिक्कों को कलेक्टर के सुपुर्द कर दिया।
कलेक्टर की प्रशंसा और आगे की जांच
कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने इस सराहनीय कदम की प्रशंसा की और कहा कि सार्वजनिक या निजी जमीन से मिलने वाली पुरातात्विक वस्तुएं सुरक्षित रखकर प्रशासन को सौंपना एक जिम्मेदार नागरिक का कार्य है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रारंभिक निरीक्षण में ये सिक्के मुगल काल के प्रतीत हो रहे हैं, लेकिन इनकी सटीक ऐतिहासिक और वैज्ञानिक जानकारी के लिए पुरातत्व विभाग और विशेषज्ञों से परीक्षण कराया जाएगा।
दतिया का लक्ष्मण ताल क्षेत्र ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध माना जाता है। यहां समय-समय पर प्राचीन वस्तुएं और धरोहरें मिलती रही हैं। इन सिक्कों की खोज के बाद अब पुरातत्वविद इस क्षेत्र के ऐतिहासिक पहलुओं का गहराई से अध्ययन करेंगे।









