दिल्ली के कालकाजी पार्क में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
दिल्ली के कालकाजी क्षेत्र में 17 वर्षीय युवती के साथ कथित गैंगरेप की घटना ने पार्क की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। जिस DDA (Delhi Development Authority) पार्क में यह घटना हुई, वहां प्रवेश और निकास द्वार पर CCTV कैमरे नहीं लगे हैं और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था का भी अभाव है। शाम के समय पार्क के कई हिस्से अंधकारमय हो जाते हैं, जिससे सुरक्षा का खतरा बढ़ जाता है। पुलिस कमिश्नर ने मौके पर पहुंचकर इस क्राइम सीन का निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया।
पुलिस की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, पीड़िता और उसका 17 वर्षीय मित्र सोमवार को कालकाजी मंदिर में दर्शन करने के बाद आस्था कुंज पार्क के गेट नंबर 7 से अंदर गए थे। आरोप है कि तीन व्यक्तियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों को डराया और धमकाया। इन आरोपियों ने कहा कि वे नाबालिग हैं और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसके बाद, लड़की को उसके मित्र से अलग कर एक सुनसान हिस्से में ले जाया गया। आरोपियों ने लड़के को पकड़कर रखा और लड़की के साथ कथित तौर पर बारी-बारी से दुष्कर्म किया। लड़की के मित्र के साथ मारपीट भी की गई। पीड़िता ने आरोपियों का हुलिया, कपड़े और कद-काठी की जानकारी दी, जिसके आधार पर पुलिस ने आसपास के CCTV फुटेज खंगाले और आरोपियों की रूट मैपिंग की। संदिग्ध गतिविधि वाले कैमरों में आरोपी दिखे।
सुरक्षा खामियों और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि पार्क कई स्थानों से खुला है, और कुछ जगहों पर चारदीवारी टूटी हुई है। कई गेट पर गार्ड तैनात नहीं हैं और प्रकाश व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी ऐसी घटनाओं में शामिल रहे हैं। अभी तक किसी दूसरी शिकायत का पता नहीं चला है। आरोपियों में से एक को गिरफ्तार करने के दौरान अमर कॉलोनी के डीएम ऑफिस रोड पर गोलीबारी हुई, जिसमें आरोपी ने पुलिस टीम पर तीन राउंड फायर किए। जवाबी कार्रवाई में उसकी गोली पैर में लगी और उसे AIIMS ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। आरोपियों के पिता ने पुलिस पर उनके बेटों को घर से ले जाने और मारपीट करने का आरोप लगाया है। इस मामले में FIR (First Information Report) BNS और POCSO (Protection of Children from Sexual Offences) अधिनियम के तहत दर्ज की गई है। यह दिल्ली में दो हफ्ते के भीतर नाबालिगों से जुड़ी यौन हिंसा का चौथा मामला है।










