इंदौर में कांग्रेस के छात्र कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ा
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में 19 सितंबर को होने वाले कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले ही राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने इंदौर डेवलपमेंट अथॉरिटी (IDA) के पास जमीन की अस्थायी लीज के लिए अतिरिक्त 4.03 लाख रुपये जमा कराए हैं, जिससे कुल लीज राशि अब 14.11 लाख रुपये हो गई है। यह कदम कार्यक्रम की तैयारी के तहत उठाया गया है।
प्रशासनिक और राजनीतिक विवाद की जड़ें
यह विवाद तब शुरू हुआ जब बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी नियमों का उल्लंघन कर तय समय से पहले ही जमीन का उपयोग कर रही है। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे को पत्र भेजकर सूचित किया कि 17 से 19 सितंबर तक 12000 वर्ग मीटर जमीन लीज पर दी गई थी, लेकिन निरीक्षण में पाया गया कि कांग्रेस 14 सितंबर से ही 4800 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा कर चुकी थी। इसके बदले IDA ने तीन दिन का अतिरिक्त शुल्क मांगा है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और कार्यक्रम की स्थिति
शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि प्रशासन निष्पक्षता छोड़कर पूरी तरह से बीजेपी नेताओं के दबाव में निर्णय ले रहा है। उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि सरकारी जमीन के उपयोग के लिए निर्धारित राजस्व वसूली का मामला है। पहले कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को 12 सितंबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित करने का प्रयास किया था, लेकिन महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए अनुमति नहीं दी। इसके बाद कांग्रेस ने तिथि बढ़ाकर 19 सितंबर कर दी और IDA की जमीन के लिए आवेदन किया। ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं, शिक्षा की महंगाई, सरकारी भर्तियों में धांधली और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर केंद्र व राज्य सरकार को घेरना है।









