भोपाल में खाद्य सुरक्षा विभाग का सख्त अभियान
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में खाद्य सुरक्षा विभाग ने होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए एक विशेष अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत 12 और 13 सितंबर को शहर के दस प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों का बिना पूर्व सूचना के निरीक्षण किया गया। इस दौरान कई स्थानों से एक्सपायरी खाद्य सामग्री, सड़ी-गली फल-सब्जियां और कीटग्रस्त दालें बरामद हुईं। साथ ही, कई जगह वेज और नॉनवेज खाद्य पदार्थों के भंडारण में भी खामियां पाई गईं।
खाद्य मानकों का उल्लंघन और निरीक्षण के मुख्य बिंदु
खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्टोरेज व्यवस्था, रसोई की साफ-सफाई, वेज और नॉनवेज का पृथक्करण, एक्सपायरी डेट का पालन, लाइसेंस, लेबलिंग, कीट नियंत्रण और खाद्य हैंडलर्स की मेडिकल फिटनेस की जांच की। उदाहरण के तौर पर होटल सयाजी में फिश और चिकन के एक्सपायरी होने के बाद भी उपयोग की बात सामने आई, साथ ही स्टोरेज में भी कमियां मिलीं। खुले डस्टबिन और पानी की गुणवत्ता को लेकर भी आपत्तियां दर्ज की गईं।
खाद्य सामग्री में कीट और खराबी की पुष्टि
टर्टोक्वाइस हॉस्पिटैलिटी में मूंग दाल और राजमा में कीट पाए गए, जिन्हें मौके पर नष्ट कर दिया गया। नॉनवेज फ्रीजर की सफाई भी संतोषजनक नहीं थी और स्टोरेज क्षेत्र में कीटों की उपस्थिति के संकेत मिले। इसके अलावा, खाद्य लाइसेंस का प्रदर्शन भी नहीं पाया गया। वहीं, होटल रेडिसन में लगभग 50 किलो सड़े हुए आलू मिले, जिन्हें तुरंत नष्ट कराया गया। हनी ब्रेड के पैकेट भी मिसब्रांडेड पाए गए, जिन पर आवश्यक लेबलिंग और बिल नहीं था। चिकन मसाले के पैकेट में भी लेबलिंग और FIFO व्यवस्था में खामियां पाई गईं।









