काले हिरण और चिंकारा शिकार का मामला: सुप्रीम कोर्ट का फैसला
काले हिरण और चिंकारा के शिकार से जुड़े प्रमुख आरोपी सबाह अंतुले की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। इस मामले में मजबूत पैरवी करने वाली एसटीएसएफ (STSF) ने तस्करों पर शिकंजा कसते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। यह फैसला वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत न्यायपालिका की सख्त रुख को दर्शाता है।
शिकार के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारियां
मामले की जांच के दौरान, वनमंडल इंदौर ने 3 दिसंबर 2024 को भारतीय वन अधिनियम 1927 और वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 के तहत मामला दर्ज किया। इस संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करने में एसटीएसएफ (STSF) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब तक कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, और मामले की जांच जारी है।
नीलगाय और अफ्रीकी टीम की तैनाती
मामले की गंभीरता को देखते हुए, MP (मध्य प्रदेश) में नीलगाय की तस्करी को रोकने के लिए हेलिकॉप्टर से निगरानी की योजना बनाई गई है। साथ ही, अफ्रीका से विशेषज्ञ टीम को बुलाकर इस अवैध व्यापार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। यह कदम वन्यजीव संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।









