दिल्ली में ब्रिक्स समिट की सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक इंतजाम
भारत में आयोजित हो रहे ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन के दौरान दिल्ली में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन के मद्देनजर, दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने हाईटेक तकनीकों का इस्तेमाल कर सुरक्षा का जाल बिछाया है। विशेष रूप से, एंटी-ड्रोन सिस्टम, एंटी-एयरक्राफ्ट गन, स्नाइपर और एंटी-सबोटाज टीमें तैनात की गई हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके। आगामी तीन से चार दिनों तक, दिल्ली की ऊंची इमारतों पर यदि बंदूकधारी कमांडो नजर आएं तो आश्चर्य न करें। इन सुरक्षा उपायों का उद्देश्य वीवीआईपी मूवमेंट और विदेशी मेहमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
सख्त निगरानी और ट्रैफिक प्रतिबंधों के साथ सुरक्षा का जाल
ब्रिक्स समिट के दौरान दिल्ली के 11 होटलों और भारत मंडपम में सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। इन स्थानों पर मल्टी-लेयर सिक्योरिटी ग्रिड स्थापित किया गया है, जिसमें 25 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। इसके अलावा, 100 से अधिक NSG (National Security Guard) कमांडो और अत्याधुनिक निगरानी उपकरण सक्रिय किए गए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर, शनिवार से कई प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं, और 22 रूटों पर पुलिस की विशेष निगरानी शुरू हो गई है। विदेशी मेहमानों के एयरपोर्ट से होटल तक पहुंचने के दौरान भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जिसमें निगरानी, सर्विलांस और वेरिफिकेशन की व्यवस्था शामिल है।
आसमान में ड्रोन उड़ाने पर रोक और ट्रैफिक व्यवस्था
सुरक्षा के लिहाज से, समिट के दौरान किसी भी अनधिकृत ड्रोन या फ्लाइंग ऑब्जेक्ट को उड़ाने की अनुमति नहीं होगी। पुलिस टीमें आसमान से होने वाली गतिविधियों पर भी नजर रख रही हैं। वीवीआईपी मूवमेंट के समय, कंट्रोल रूम से पूरे सुरक्षा प्रबंधन की निगरानी की जाएगी, जिसमें कैमरे और निगरानी सिस्टम शामिल हैं। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें तैयार हैं। साथ ही, ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए 35 से अधिक प्रमुख सड़कों पर वैकल्पिक मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इन रास्तों पर ट्रैफिक का प्रभाव कम करने के लिए, GPS आधारित ट्रैकिंग, CCTV सर्विलांस, रियल टाइम कम्युनिकेशन और क्विक रिस्पॉन्स टीमों का इस्तेमाल किया जाएगा। सामान्य यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए मेट्रो सेवाओं में भी कोई विशेष प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।









