दिल्ली में लगातार गिर रही इमारतें: दो साल का भयावह रिकॉर्ड
राजधानी दिल्ली में इमारतों के गिरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे कई परिवार बेघर हो चुके हैं। पिछले दो वर्षों में दर्जनों हादसे हुए हैं, जिनमें जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। रविवार को सत्य निकेतन क्षेत्र में एक पुरानी इमारत अचानक से ढह गई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य फंसे होने की आशंका है। यह घटना दिल्ली में बढ़ते भवन ढहने के मामलों की गंभीरता को दर्शाती है।
दिल्ली में इमारत गिरने के प्रमुख हादसे और उनका प्रभाव
मार्च 2024 में शाहदरा के कबीर नगर में एक निर्माणाधीन इमारत का हिस्सा गिरने से दो लोगों की जान चली गई। अगस्त 2024 में जहांगिरपुरी में तीन मंजिला इमारत का एक हिस्सा गिरने से तीन लोगों की मौत हुई। अप्रैल 2025 में मुस्तफाबाद में चार मंजिला पुरानी इमारत का जर्जर हिस्सा ढह गया, जिसमें आठ लोगों की जान गई और 11 लोग घायल हो गए। इसी तरह, मई 2025 में पहाड़गंज के अराकशन रोड पर निर्माणाधीन इमारत की बेसमेंट दीवार गिरने से एक ठेकेदार और तीन श्रमिकों की मौत हो गई। जुलाई 2025 में वेलकम इलाके में चार मंजिला जर्जर इमारत गिरने से छह लोगों की जान गई।
2025 और 2026 में दिल्ली के प्रमुख भवन हादसे
अगस्त 2025 में जैतपुर, दरगाह शरीफ पत्ते शाह, और दरियागंज जैसे इलाकों में कई बड़े हादसे हुए। जैतपुर में भारी बारिश के कारण एक पुराने मंदिर की दीवार और झुग्गियां ढह गईं, जिसमें सात लोगों की मौत हुई। दरगाह शरीफ में छत गिरने से छह लोग मारे गए, और दरियागंज में तीन मंजिला जर्जर मकान जमींदोज हो गया, जिसमें तीन लोगों की जान गई। मई 2026 में साकेत मेट्रो स्टेशन के पास पांच मंजिला इमारत गिरने से छह लोगों की मौत हुई। जुलाई 2026 में रोहिणी सेक्टर 16 में एक पुरानी इमारत गिरने से तीन लोग मारे गए, जबकि अगस्त 2026 में करोल बाग में एक पुरानी इमारत का हिस्सा गिरने से एक व्यक्ति की मौत और दो घायल हो गए।









