पन्ना में लगातार बारिश से जलभराव और कार्यालय प्रभावित
पन्ना जिले में पिछले करीब 72 घंटों से हो रही भारी बारिश ने जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण होमगार्ड और SDRF (State Disaster Response Force) का कार्यालय भी पानी में डूब गया है। कार्यालय परिसर में कमर तक पानी भर जाने के कारण जवानों को नाव का सहारा लेकर अपने कार्यस्थल तक पहुंचना पड़ा है। इस जलभराव ने न केवल कार्यालय के अंदर रखे रिकॉर्ड, कंप्यूटर और वर्दी को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि राहत सामग्री भी पानी से प्रभावित हुई है।
संसाधनों का नुकसान और राहत कार्यों में बाधा
बाढ़ के कारण सरकारी अभिलेख, आवश्यक फाइलें, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और राहत सामग्री पानी में डूब गए हैं। कर्मचारियों की वर्दी के साथ ही स्टोर में रखे कंबल, दरी और आपदा राहत से जुड़ी सामग्री भी भीग गई है। आपदा के समय आवश्यक राहत किट और संसाधनों को सुरक्षित रखने की चुनौती जवानों के सामने खड़ी हो गई है। इस स्थिति में राहत कार्यों को सुचारू रूप से चलाना भी कठिन हो रहा है, क्योंकि कार्यालय में पानी भरने के कारण जरूरी दस्तावेज और सामग्री को सुरक्षित स्थान पर ले जाना मुश्किल हो रहा है।
दफ्तर की स्थिति और भविष्य की आशंका
डूबे हुए कार्यालय में रिकॉर्ड और राहत सामग्री को बचाने के प्रयास जारी हैं। जवानों का कहना है कि जलभराव की समस्या का मुख्य कारण कार्यालय परिसर में उचित जल निकासी व्यवस्था का न होना है। लगातार हो रही बारिश के कारण पानी कार्यालय के अंदर तक पहुंच गया है, जिससे कर्मचारियों को आने-जाने में भी कठिनाई हो रही है। इसके बावजूद, राहत और बचाव कार्य प्रभावित न हो, इस उद्देश्य से जवान लगातार ड्यूटी पर लगे हुए हैं। यदि मौसम का यह सिलसिला जारी रहा, तो जलभराव और भी बढ़ सकता है।
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश में आगामी दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में यह बारिश और भी तेज हो सकती है, जिससे जलभराव की स्थिति और गंभीर हो सकती है। यदि आने वाले दिनों में बारिश का यह क्रम बना रहा, तो पन्ना समेत कई जिलों में जलभराव और अन्य आपदाएं बढ़ने का खतरा है। सवाल यह है कि जब आपदा प्रबंधन का जिम्मा संभालने वाला विभाग ही पानी में डूब जाए, तो उसकी तैयारियों और जल निकासी व्यवस्था की जवाबदेही किसकी होगी।









