दिल्ली में ट्रैफिक प्रबंधन के लिए नई योजना का ऐलान
दिल्ली सरकार ने शहर के 450 किलोमीटर लंबे सड़क नेटवर्क पर ट्रैफिक जाम और सड़क सुरक्षा से जुड़ी व्यापक अध्ययन कराने का निर्णय लिया है। इस अध्ययन के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन सर्वेक्षण और ट्रैफिक काउंटिंग तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, ताकि आगामी तीस वर्षों की ट्रैफिक आवश्यकताओं का सटीक आकलन किया जा सके। इस जानकारी के आधार पर फ्लाईओवर, अंडरपास और सार्वजनिक परिवहन के सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
सड़क नेटवर्क का समग्र विश्लेषण और योजना निर्माण
मौजूदा ट्रैफिक जाम की स्थिति का विश्लेषण कर, Public Works Department (PWD) इन निष्कर्षों का उपयोग नई सड़क परियोजनाओं जैसे फ्लाईओवर, अंडरपास, एलिवेटेड कॉरिडोर और अन्य अवसंरचना योजनाओं के लिए नीति बनाने में करेगा। इस व्यवहार्यता रिपोर्ट का मुख्य उद्देश्य एक टिकाऊ और समेकित मोबिलिटी फ्रेमवर्क का विकास है, जो शहर की यातायात चुनौतियों का स्थायी समाधान प्रदान करे।
भविष्य की यातायात आवश्यकताओं का आकलन और सुधार के उपाय
अध्ययन में सार्वजनिक परिवहन के वर्तमान प्रदर्शन और भविष्य की जरूरतों का भी विश्लेषण किया जाएगा। इसके आधार पर यात्री संख्या बढ़ाने, सार्वजनिक परिवहन की विश्वसनीयता और दक्षता सुधारने के उपाय सुझाए जाएंगे। साथ ही, प्रमुख ट्रैफिक जाम वाले स्थानों, बार-बार लगने वाले जाम, और दबाव वाले चौराहों की पहचान की जाएगी। इसमें सड़क की क्षमता, चौराहों की बनावट, सड़क किनारे पार्किंग, अतिक्रमण, मिश्रित ट्रैफिक और सिग्नल संचालन की कमियों का भी मूल्यांकन किया जाएगा।









