स्लीपर बस में 16 वर्षीय छात्रा से गैंगरेप का मामला उलझा
दिल्ली और नोएडा (Noida) पुलिस के बीच स्लीपर बस में 16 वर्षीय छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना को लेकर विवाद गहरा होता जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने 4 अगस्त की रात को हुई इस घटना का दावा करते हुए बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। वहीं, गौतमबुद्धनगर (Gautam Buddha Nagar) पुलिस ने इस मामले में कुछ विरोधाभासों का उल्लेख किया है।
पुलिस के दावों में विरोधाभास और जांच की स्थिति
ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के पुलिस उपायुक्त ने अपने बयान में कहा है कि घटना का स्थान परी चौक से सेक्टर-63 के बीच का है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इससे पहले नोएडा पुलिस को इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी थी। साथ ही, पीड़ित पक्ष की ओर से भी गौतमबुद्धनगर पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी गई है।
गौतमबुद्धनगर पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और पुलिस वर्जन के बीच कुछ विरोधाभास हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवार ने इस घटना को लेकर गौतमबुद्धनगर पुलिस से संपर्क नहीं किया है। इस स्थिति ने मामले की जांच और घटना के वास्तविक घटनाक्रम को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना का विवरण और पुलिस की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस के अनुसार, 4 अगस्त की रात को ही इस घटना को अंजाम दिया गया था। पुलिस का कहना है कि रात करीब 11 बजे उन्हें इस घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद छात्रा की शिकायत पर 5 अगस्त को FIR दर्ज की गई। शिकायत मिलने के तुरंत बाद, मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने रातभर में ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना में प्रयुक्त बस को भी जब्त कर लिया गया है।
पीड़िता उत्तर प्रदेश के मैनपुरी (Mainpuri) जिले की रहने वाली है और 11वीं कक्षा में पढ़ती है। वह घर से नाराज होकर बिना बताए निकल गई थी और नोएडा में अपने चचेरे भाई के पास जाने की योजना बना रही थी। भारी बारिश और अंधेरे के कारण वह परी चौक पर उतर गई। इसी दौरान, एक खाली स्लीपर बस गुजर रही थी, जिसे उसने रुकने का संकेत दिया।
बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने छात्रा को सेक्टर-63 जाने का कहकर बस में बिठाया। आरोप है कि बस चलने के कुछ ही देर बाद, कंडक्टर ने उसके साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। इसके बाद, दोनों आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया और विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। फिर, दोनों ने उसे कश्मीरी गेट के पास रिंग रोड पर उतार दिया और फरार हो गए।
घटना के बाद, छात्रा घबराई हुई कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन पहुंची और पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद, पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। तिमारपुर की एक बस पार्किंग से ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार किया गया। साथ ही, घटना में इस्तेमाल हुई बस को भी जब्त कर लिया गया है, और उसकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, बस में खराबी आने के बाद, आरोपी उसे सूरजपुर (Surajpur) की वर्कशॉप में मरम्मत के लिए ले गए थे। मरम्मत के बाद, वे बस को खाली कर तिमारपुर की ओर जा रहे थे, तभी परी चौक पर छात्रा उन्हें मिली। बताया जा रहा है कि परी चौक से कश्मीरी गेट तक बस ने लगभग 47 किलोमीटर का सफर तय किया। बस की स्लीपर सीटें और पर्दे होने के कारण बाहर से अंदर की गतिविधियों को देखना मुश्किल था।
अब सवाल यह उठता है कि दोनों पुलिस बलों के बीच इस घटना के स्थान और घटनाक्रम को लेकर क्यों विरोधाभास है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद FIR दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि गौतमबुद्धनगर पुलिस का दावा है कि उन्हें पहले इस घटना की कोई जानकारी नहीं दी गई थी। इस मामले की जांच अभी जारी है।











