गया जिले में महिलाओं की सुरक्षा के लिए नई पहल
गया (Gaya) जिले में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस विभाग ने एक अभिनव कदम उठाया है। यहां शाम के समय लड़कियों का अकेले बाहर निकलना खतरे से खाली नहीं है, क्योंकि कुछ मनचले और छेड़छाड़ करने वाले युवक इन इलाकों में सक्रिय रहते हैं। इन खतरनाक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, गया पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस पहल का नाम है ‘पुलिस दीदी’, जिसमें अब केवल पुलिस की गाड़ियां ही नहीं बल्कि महिला पुलिसकर्मी भी स्कूटी और बाइक पर नजर आएंगी।
महिला पुलिसकर्मियों की विशेष गश्त से सुरक्षा बढ़ेगी
यदि कोई मनचला महिलाओं या छात्राओं को परेशान करता पाया गया, तो पुलिस दीदी न केवल समझाइश देंगी बल्कि आवश्यक होने पर कड़ी कार्रवाई भी करेंगी। इस नई योजना की शुरुआत 28 अगस्त को गया पुलिस लाइन में हुई, जहां एसएसपी सुशील कुमार ने महिला पुलिसकर्मियों के दस्ते को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही, शहर के संवेदनशील इलाकों में महिला पुलिस की विशेष गश्त शुरू कर दी गई है। पुलिस ने उन स्थानों को चिन्हित किया है जहां महिलाओं और छात्राओं का आवागमन अधिक होता है या जहां सुनसान होने के कारण छेड़छाड़ का खतरा रहता है। इन इलाकों में नियमित रूप से महिला पुलिसकर्मी गश्त करेंगी, ताकि महिलाओं को सुरक्षित महसूस हो।
सभी जगहों पर महिला पुलिस की निगरानी और आपातकालीन संपर्क
गया पुलिस का यह अभियान सिर्फ सुनसान सड़कों तक ही सीमित नहीं है। यह स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर, बाजार और उन स्थानों पर भी लागू होगा जहां महिलाओं का आवागमन अधिक होता है। इन जगहों पर महिला पुलिसकर्मी सतर्कता से निगरानी रखेंगी, ताकि छात्राएं और महिलाएं बिना किसी डर के अपने रास्ते पर चल सकें। खासतौर पर उन स्थानों पर जहां लड़के अक्सर खड़े होकर लड़कियों को परेशान करते हैं, वहां पुलिस की नजर रहेगी।
एसएसपी सुशील कुमार ने बताया कि बिहार सरकार ने सभी जिलों को बाइक और स्कूटी उपलब्ध कराई है। गया जिले को 70 स्कूटी मिली हैं, जिनकी मदद से महिला पुलिसकर्मी तेजी से घटनास्थल पर पहुंच सकेंगी। इससे पुलिस की मौजूदगी मुख्य सड़कों से लेकर छोटी गलियों तक भी सुनिश्चित होगी, जहां सामान्य गश्त कम दिखाई देती है।
इसके अलावा, ‘पुलिस दीदी’ टीम को डायल 112 से भी जोड़ा गया है। यदि किसी इलाके में कोई घटना घटती है या महिला पुलिस की तत्काल जरूरत होती है, तो टीम आपातकालीन सेवा से संपर्क कर तुरंत मौके पर पहुंच सकती है। खासतौर पर उन छात्राओं के लिए, जो देर होने पर सुनसान रास्तों से गुजरती हैं, यह पहल सुरक्षा का बड़ा सहारा साबित होगी।
गया पुलिस की इस नई पहल का उद्देश्य है कि छात्राएं और महिलाएं अपने रास्ते में सुरक्षित महसूस करें और किसी भी आपात स्थिति में आसानी से मदद प्राप्त कर सकें। यह कदम पुलिस का एक नया चेहरा है, जो वर्दी और कार्रवाई के साथ-साथ सहानुभूति और सहायता का भी परिचायक है।











