मध्य प्रदेश के रीवा में एनडीपीएस कार्रवाई का विवाद
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक आइसक्रीम ठेले पर एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत की गई कार्रवाई के बाद भारी विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर साहू समाज के युवा नेता और भाजपा (BJP) के जिलाध्यक्ष बंसीलाल साहू थाना पहुंचे, जहां थाना प्रभारी विजय सिंह के साथ तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सिविल लाइन थाना परिसर में तनावपूर्ण स्थिति
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के साईं मंदिर के सामने संचालित संगम आइसक्रीम ठेले से जुड़ा यह विवाद है। पुलिस ने ठेला संचालक धीरू साहू के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए कोरेक्स सिरप बरामद की थी। आरोप है कि रात में जब ठेला बंद था, तो किसी ने साजिश के तहत ठेले की छत पर लगी पन्नी और छतरी के ऊपर कोरेक्स सिरप की शीशियां रख दीं और पुलिस को सूचित कर दिया। ताला बंद होने के बावजूद पुलिस ने सिरप बरामद कर केस दर्ज कर लिया।
बिना निष्पक्षता के कार्रवाई और राजनीतिक तनाव
धीरू साहू के परिवार और स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि यह कार्रवाई रंजिशन कराई गई है। उनका कहना है कि रात को जब ठेला बंद था, तो किसी ने साजिश के तहत सिरप की शीशियां रखीं और पुलिस को सूचना दी। इसके बावजूद, पुलिस ने केवल छत से सिरप बरामद कर मामला दर्ज कर लिया। इस घटना के विरोध में और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बंसीलाल साहू के नेतृत्व में व्यापारी और नागरिक सिविल लाइन थाने पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान जब वे थाने के गेट पर बैठ गए, तो थाना प्रभारी विजय सिंह ने उन्हें वहां से हटने को कहा।
मामले में भाजपा नेता का आरोप है कि टीआई ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, सिर पर थप्पड़ मारा और फर्जी केस दर्ज करने की धमकी दी। दूसरी ओर, विजय सिंह का कहना है कि पुलिस भीड़ के दबाव में काम नहीं करेगी और नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई करेगी।











