सावन के अंतिम सोमवारी पर सिंहेश्वर मंदिर में भारी भीड़ और भगदड़ का खतरा
मधेपुरा के प्रसिद्ध सिंहेश्वर मंदिर में सावन की अंतिम सोमवारी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ ने सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दे दी। जलाभिषेक के लिए लगी लंबी कतार में धक्का-मुक्की और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे कई श्रद्धालु और एक पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस घटना के तुरंत बाद सभी घायलों का प्राथमिक उपचार जेएनकेटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी जैसे डीएम, एसपी, एसडीएम और एसडीपीओ तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
भीड़ नियंत्रण में आई कठिनाई, सुरक्षा व्यवस्था में हुई बढ़ोतरी
रात करीब एक बजे मंदिर के पट खुलने के बाद श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए उमड़ पड़े। जैसे-जैसे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी, प्रशासन के लिए भीड़ को नियंत्रित करना कठिन हो गया। वीडियो फुटेज में देखा जा सकता है कि श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिरते चले गए, जिन्हें सुरक्षाकर्मी भीड़ से निकालने का प्रयास कर रहे थे। स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया और श्रद्धालुओं को दोबारा कतार में लगाकर व्यवस्था को संभाला गया। इसके साथ ही मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया।
सावन की अंतिम सोमवारी पर श्रद्धालुओं की भीड़ और प्रशासनिक प्रयास
मंदिर न्यास समिति ने श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए धक्का-मुक्की से बचने और व्यवस्थित तरीके से जलाभिषेक करने का आग्रह किया है। सावन की अंतिम सोमवारी होने के कारण सुबह से ही भारी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे। हालांकि, अचानक बढ़ी भीड़ के कारण बैरिकेडिंग टूट गई और कुछ समय के लिए स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। इसके बावजूद, प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और स्थिति को संभालने में सफलता हासिल की।










