खंडवा में अनोखी जनसुनवाई: डॉगी का मुखौटा पहनकर विरोध प्रदर्शन
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में हाल ही में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक असामान्य दृश्य देखने को मिला। यहां नगर निगम के खिलाफ आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और नसबंदी के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार के मुद्दे को उजागर करने के लिए एक व्यक्ति ने कुत्ते का मुखौटा पहनकर सभागृह में प्रवेश किया। इस अनूठे अंदाज में उसने अपने विचार व्यक्त किए और अधिकारियों का ध्यान खींचा।
आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और नसबंदी में भ्रष्टाचार का आरोप
राठौर नामक इस व्यक्ति का शरीर तो इंसान का था, लेकिन चेहरा पूरी तरह से डॉगी के मुखौटे से ढका हुआ था। उन्होंने कहा कि नसबंदी के बाद भी वह छह बच्चों का पिता बन गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नगर निगम की नसबंदी योजना में कथित गड़बड़ी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में कुत्तों की नसबंदी के नाम पर करीब 40 लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन इसके बावजूद आवारा कुत्तों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस अवधि में शहर में कुत्तों के काटने की कुल 13225 घटनाएं दर्ज हुई हैं। इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि नसबंदी के प्रयास कितने प्रभावी हैं या फिर फर्जीवाड़ा हो रहा है। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है।
डॉगी का मुखौटा पहनकर विरोध का अनोखा तरीका
जनसुनवाई के दौरान जब व्यक्ति डॉगी का ड्रेस पहनकर सभागृह में पहुंचा, तो शुरुआत में कलेक्टर कार्यालय के बाहर पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने का प्रयास किया। लेकिन बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद उसे अंदर जाने की अनुमति दी गई। इस घटना ने सभी का ध्यान आकर्षित किया और माहौल में हल्की फुल्की हंसी-मजाक भी देखने को मिली।
एडिशनल कलेक्टर काशीराम बड़ोले ने इस मामले में नगर निगम के आयुक्त से चर्चा की और बताया कि नसबंदी के नाम पर 40 लाख रुपये के बिल जारी किए गए हैं, जिनमें से कुछ काम ही नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक समिति गठित की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।











