पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी
पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 अगस्त तक बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बड़वानी, धार, इंदौर, झाबुआ और रतलाम जैसे जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। साथ ही तेज हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है।
मौसम विभाग का अलर्ट और संभावित प्रभाव
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इन जिलों में मूसलाधार बारिश के साथ गरज-चमक की भी संभावना है। भोपाल, विदिशा, राजगढ़, सीहोर, हरदा, देवास, उज्जैन, शाजापुर, आगर, नीमच, गुना, शिवपुरी, मुरैना और श्योपुर जैसे इलाकों में भी बारिश की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण और सक्रिय मानसून ट्रफ नमी को लगातार बढ़ा रहे हैं, जिससे पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का प्रभाव और मजबूत हो रहा है।
आगे की चेतावनी और संभावित मौसम की स्थिति
11 अगस्त को राजगढ़ में हुई भारी बारिश के बावजूद सिस्टम कमजोर नहीं पड़ा है। असली चिंता बंगाल की खाड़ी में बन रही नई प्रणाली पर है। यदि यह सिस्टम 12 अगस्त के आसपास मजबूत हुआ, तो 13 से 16 अगस्त के बीच पूर्वी मध्य प्रदेश में भी तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इस बार सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि जलभराव, तेज हवाएं, बिजली गिरने और नदियों के उफान जैसी आपदाएं भी चिंता का विषय हैं। अगले 24 घंटों में मौसम की यह जंग और भी तीखी हो सकती है, इसलिए प्रशासन और आम जनता दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है।









