बिहार के वैशाली में डीएम का अनूठा खेत दौरा
बिहार के वैशाली जिले में एक ऐसी तस्वीर देखने को मिली जिसने सभी को चौंका दिया। यहाँ के जिला अधिकारी (DM) वर्षा सिंह ने पारंपरिक कार्यालयीन माहौल को छोड़कर सीधे खेत में जाकर किसानों के साथ संवाद किया। न तो कोई मंच था, न माइक और न ही कोई औपचारिक कार्यक्रम। बल्कि, खेत में धान की फसलें, कीचड़ से भरे रास्ते और किसानों के बीच में खड़ी डीएम की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
खेत में उतरकर किसानों के साथ खेती की बारीकियों को समझा
यह घटना बिहार के बिदुपुर प्रखंड के खजवत्ता गांव की है, जहां डीएम वर्षा सिंह ने अपने कदम सीधे खेत में रखे। उन्होंने किसान उमेश राय के धान के खेत में श्रीविधि (SRI) पद्धति से धान की रोपाई की और किसानों के साथ खेती की तकनीकों को विस्तार से समझाया। इस दौरान उन्होंने किसानों से बातचीत भी की और खेती से जुड़ी समस्याओं को जाना।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का उनका प्रयास
वर्षा सिंह ने कहा कि आने वाले समय में प्राकृतिक खेती जरूरी हो जाएगी। उनका मानना है कि इस पद्धति से खेती की लागत कम होती है, रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर निर्भरता घटती है, मिट्टी की सेहत सुधरती है और पर्यावरण सुरक्षित रहता है। साथ ही, यह किसानों की आय बढ़ाने में भी मददगार साबित हो सकती है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ें, उन्हें प्रशिक्षण दें, बीज और जैविक इनपुट समय पर उपलब्ध कराएं और सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पहुंचाएं।
उन्होंने खजवत्ता स्थित बायो रिसर्च सेंटर का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों से कहा कि इस मॉडल को अधिक से अधिक गांवों तक फैलाया जाए ताकि किसान कम लागत में टिकाऊ खेती अपना सकें। वर्तमान में बिदुपुर प्रखंड में दस प्राकृतिक खेती के क्लस्टर बनाए गए हैं, जिनसे लगभग 1250 किसान जुड़े हुए हैं। इन किसानों को प्रोत्साहन राशि भी दी जा चुकी है ताकि वे प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए प्रेरित हों।
कीचड़ से भरे खेत में उतरकर धान की रोपाई करती डीएम वर्षा सिंह की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई हैं। प्रशासन का मानना है कि यदि अधिकारी खुद खेत तक पहुंचेंगे, तो किसानों का भरोसा भी बढ़ेगा और नई खेती की तकनीकों को अपनाने की रफ्तार भी तेज होगी।











