संसद भवन में गेरूआ वस्त्र में प्रदर्शन का मामला
शुक्रवार को संसद भवन परिसर में बिहार से निर्वाचित निर्दलीय सांसद पप्पू यादव गेरूआ रंग के वस्त्र पहनकर एक अनूठे प्रदर्शन के लिए पहुंचे। उन्होंने संसद के मुख्य द्वार पर पहुंचकर विरोध जताया और अयोध्या चंदा चोरी के मुद्दे पर एक नाटकीय प्रस्तुति दी। इस दौरान राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं ने सांकेतिक रूप से चंदा दान किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रदर्शन का तरीका और विपक्ष की प्रतिक्रिया
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव भगवा वस्त्र धारण कर पुजारी की भूमिका में नजर आए। उनके सामने प्रतीकात्मक रूप से चंदा लेने का आयोजन किया गया था, जिसमें समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा भी शामिल रहीं। विपक्षी सांसद पीछे खड़े होकर इस दृश्य को देख रहे थे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी वहां पहुंचे और उन्होंने चंदा दिया। इसके बाद पप्पू यादव चंदा लेकर भागने लगे, तभी अन्य सांसदों ने उन्हें पकड़ लिया और ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाए। इस पूरे घटनाक्रम को विपक्ष ने एक राजनीतिक संकेत के रूप में प्रस्तुत किया।
संसद सचिवालय का रुख और सुरक्षा नियम
इस प्रदर्शन पर लोकसभा सचिवालय ने कड़ी आपत्ति जताई है। सचिवालय का मानना है कि संसद के मकर द्वार जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह का प्रदर्शन नियमों का उल्लंघन है। मकर द्वार संसद का मुख्य प्रवेश मार्ग है, जहां से प्रधानमंत्री, मंत्री और सांसद आते-जाते हैं। सुरक्षा और अनुशासन के मद्देनजर, संसद के किसी भी मुख्य द्वार पर धरना या नारेबाजी की अनुमति नहीं है। सांसदों को अपनी बात रखने के लिए विशेष स्थान तय किए गए हैं। इस घटना के बाद सचिवालय ने प्रदर्शन नियमों को और सख्त करने का निर्णय लिया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।










