जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन में प्रधानमंत्री के खिलाफ विवादित टिप्पणी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित छात्र आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग करने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद पुलिस ने युवती के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और इसकी जांच दिल्ली पुलिस द्वारा की जा रही है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान युवती ने सार्वजनिक मंच से प्रधानमंत्री के प्रति आपत्तिजनक और अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची और सार्वजनिक शांति भंग होने का खतरा पैदा हुआ।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और कानूनी कार्रवाई
23 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए इस छात्र आंदोलन में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए थे। प्रदर्शन के दौरान विभिन्न पोस्टर, नारे और व्यंग्यात्मक टिप्पणियां देखने को मिलीं। इसी बीच एक युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिसमें वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग करती नजर आई। इस वीडियो की भाषा इतनी आपत्तिजनक बताई गई कि कई प्लेटफार्मों पर इसे बिना ऑडियो के साझा किया गया।
मामले की जांच और युवती का परिचय
इस मामले में गाजियाबाद के वसुंधरा निवासी और सर्वोच्च न्यायालय की अधिवक्ता स्मृति सिंह ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि प्रदर्शन के दौरान युवती ने सार्वजनिक मंच से प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। आरोप है कि यह केवल किसी व्यक्ति के खिलाफ टिप्पणी नहीं थी, बल्कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की गरिमा को नुकसान पहुंचाने और शांति भंग करने की मंशा से किया गया कृत्य था। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धाराओं 352, 353(1) और 356(1) के तहत एफआईआर दर्ज की है। घटना जंतर-मंतर स्थित संसद मार्ग थाना क्षेत्र की है, इसलिए जांच अब दिल्ली पुलिस कर रही है। युवती का मूल रूप से फरीदाबाद निवासी होना बताया गया है, जो ब्यूटी पार्लर चलाती है। घटना के बाद से वह और उसके परिवार वाले अपने घर पर नहीं मिले हैं, और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।










