भोपाल में किसानों का लंबा आंदोलन समाप्त, सरकार की आश्वासन पर हुआ अंत
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कई दिनों से चल रहा किसानों का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया है। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन के अंत में किसानों ने सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद अपने धरने को खत्म करने का निर्णय लिया। सरकार ने मूंग की MSP पर खरीद बढ़ाने, खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था को तुरंत बंद करने और किसानों की अन्य प्रमुख मांगों पर सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिलाया। इन आश्वासनों के बाद किसानों ने अपने आंदोलन को विराम देने का फैसला किया।
मूंग की MSP पर किसानों की मुख्य चिंता और सरकार का जवाब
किसानों की मुख्य शिकायत मूंग की MSP पर खरीद का मुद्दा था। उनका तर्क था कि इस वर्ष रिकॉर्ड उत्पादन के बावजूद सरकार सीमित मात्रा में ही मूंग खरीद रही है। इससे बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल कम दामों पर बेचने को मजबूर हो रहे थे। सरकार ने इस समस्या को समझते हुए कहा कि इस साल 4.52 लाख मीट्रिक टन ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदने का लक्ष्य तय किया गया है। पहले किसानों का केवल 25 प्रतिशत उपज MSP पर खरीदी जाती थी, लेकिन अब हर पात्र किसान की 60 प्रतिशत उपज खरीदी जाएगी।
खाद वितरण और ई-टोकन व्यवस्था पर सरकार का निर्णय
खाद वितरण के लिए लागू ई-टोकन प्रणाली भी किसानों की एक बड़ी समस्या बन गई थी। किसानों का आरोप था कि इस सिस्टम के कारण खाद समय पर नहीं मिल पा रही है, जिससे खेती प्रभावित हो रही है। इस मुद्दे को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस प्रणाली को फिलहाल स्थगित कर दिया है। कृषि मंत्री ने बताया कि इस व्यवस्था में कई व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आई हैं, इसलिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा जो इस प्रणाली की समीक्षा कर सुधार प्रस्तावित करेगी। तब तक ई-टोकन सिस्टम बंद रहेगा।









