दतिया विधानसभा उपचुनाव का अंतिम प्रचार समाप्त
मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए प्रचार अभियान मंगलवार शाम को पूरी तरह समाप्त हो गया है। 30 जुलाई को होने वाले मतदान से पहले दोनों प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा (BJP) और कांग्रेस ने मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। मतगणना इस सीट पर 3 अगस्त को होगी।
मुख्य मुकाबला और राजनीतिक रणनीतियाँ
इस उपचुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के उम्मीदवार घनश्याम सिंह के बीच है। घनश्याम सिंह स्थानीय पूर्व शाही परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जबकि आशुतोष तिवारी की उम्मीदवारी को लेकर शुरुआत में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी की खबरें आई थीं।
पार्टी प्रचार के अंतिम दिन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दतिया में भव्य रोड शो करने से पहले क्षेत्र में प्रभावशाली माने जाने वाले कुशवाहा समाज के सम्मेलन में भाग लिया। इस दौरान उनके साथ पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, बीजेपी सांसद और उपचुनाव प्रभारी भरत सिंह कुशवाह भी मौजूद रहे।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और जनता का समर्थन
मुख्यमंत्री ने जनसभा में कहा कि कांग्रेस गुटबाजी में बंटी है और बांटने की राजनीति कर रही है, जबकि भाजपा का मुख्य एजेंडा विकास, सुशासन और जनता की सेवा है। उन्होंने जनता से आशुतोष तिवारी की ‘ऐतिहासिक जीत’ सुनिश्चित करने की अपील की।
वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दतिया के विभिन्न इलाकों में छोटी-छोटी जनसभाएं कीं और घर-घर जाकर वोट की अपील की। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए वह धनबल और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रही है। पटवारी ने दावा किया कि करीब 50 करोड़ रुपये वोटरों को प्रभावित करने के लिए लाए गए हैं, लेकिन स्वाभिमानी मतदाता इन लालचों में नहीं आएंगे और लोकतंत्र की रक्षा करेंगे।
इसके अलावा, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने भी आदिवासी बहुल क्षेत्रों जैसे बजनी, रामनगर डेरा और प्रकाश नगर में जनसंपर्क किया और कहा कि इन क्षेत्रों में आदिवासियों का समर्थन कांग्रेस की जीत तय कर रहा है।











