तेज प्रताप यादव को पटना में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया
जनशक्ति जनता दल (JJD) के वरिष्ठ नेता तेज प्रताप यादव को पटना के गांधी मैदान थाना क्षेत्र में हुए प्रदर्शन के मामले में अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद उन्हें देर रात मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजीएम) के आवास पर पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें जेल भेजने का फैसला सुनाया। इस घटना ने बिहार की राजनीतिक स्थिति में तीव्र हलचल पैदा कर दी है। पार्टी के नेताओं और उनके वकील ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिससे राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है।
विपक्ष ने गिरफ्तारी को राजनीतिक उत्पीड़न बताया
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान बांकीपुर उपचुनाव की उम्मीदवार वीणा मानवी ने तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रताड़ना करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 13 जुलाई से ही पार्टी नेताओं को लगातार परेशान किया जा रहा है। उनके अनुसार, पहले नामांकन के दिन ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था, और अब तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने सवाल किया कि यदि प्रदर्शन के दौरान कोई अपराध हुआ था तो उसकी कार्रवाई उसी समय क्यों नहीं की गई। उनका मानना है कि परिवार के साथ मौजूद रहते हुए गिरफ्तारी करना पुलिस की मंशा पर सवाल खड़ा करता है।
वकील ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर उठाए सवाल
तेज प्रताप यादव के वकील जगन्नाथ सिंह ने भी गिरफ्तारी की प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि एफआईआर 26 जुलाई को दर्ज की गई, जबकि तेज प्रताप यादव को 25 जुलाई की शाम करीब 7:30 बजे पटना के सिटी सेंटर मॉल से हिरासत में लिया गया था। वकील ने यह भी बताया कि परिवार को उनकी गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दी गई और अभी तक एफआईआर की प्रति भी नहीं सौंपी गई है। उन्होंने अदालत में रिहाई के लिए अर्जी दाखिल की है, जिस पर आगामी सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है।











