बिहार के बगहा में मगरमच्छ का खतरा फिर से बढ़ा
बिहार के बगहा जिले में मानसून के दौरान मगरमच्छों का खतरा एक बार फिर से सामने आ गया है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) से जुड़ी भापसा नाला में रविवार सुबह एक महिला पर अचानक मगरमच्छ ने हमला कर दिया। इस खतरनाक घटना में मगरमच्छ ने महिला के दोनों पैर अपने जबड़ों में जकड़ लिए।
हालांकि, पास ही मौजूद ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए तुरंत ही मगरमच्छ का सामना किया और महिला को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की। यह घटना नौरंगिया थाना क्षेत्र के सिरिसिया-बेलहवा कच्ची सड़क पर स्थित भापसा नाला की है।
मगरमच्छ का हमला और ग्रामीणों की बहादुरी
पचरुखा सिरिसिया गांव की निवासी बरसाती देवी अपने पति और अन्य मजदूरों के साथ खेत की ओर जा रही थीं। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे मगरमच्छ ने अचानक हमला कर दिया। महिला के चीखने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत ही मौके पर पहुंच गए।
ग्रामीणों ने लाठी, कुदाल और छाते का इस्तेमाल कर मगरमच्छ पर हमला किया। शोर और जवाबी कार्रवाई के कारण मगरमच्छ महिला को छोड़कर झाड़ियों की ओर भाग गया। इसके बाद घायल महिला को बाहर निकालकर वन विभाग को सूचित किया गया।
प्राथमिक उपचार और भविष्य में सावधानी
मदनपुर वन क्षेत्र की टीम, पुलिस और स्थानीय प्रतिनिधियों ने तुरंत ही मौके पर पहुंचकर घायल महिला को बगहा के अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बताया कि महिला की स्थिति अब खतरे से बाहर है।
वनकर्मियों ने बताया कि भापसा नाला प्राकृतिक रूप से मगरमच्छों का आवास है। पीड़ित परिवार की शिकायत पर मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही, स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि बरसात के मौसम में इस नाले को पार करने से बचें और सुरक्षित विकल्पों का ही प्रयोग करें।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से जुड़े नदी-नालों में मगरमच्छों की सक्रियता बढ़ जाती है। कुछ दिन पहले इसी क्षेत्र में एक ग्रामीण की मगरमच्छ के हमले में मौत हो चुकी है। लगातार इन घटनाओं से आसपास के गांवों में डर का माहौल बना हुआ है। लोग खेतों में जाने से पहले सावधानी बरत रहे हैं।











