नीट पेपर लीक के बाद युवाओं में बढ़ी चिंता और आत्महत्या की घटनाएं
मध्य प्रदेश के खरगोन में रहने वाली 23 वर्षीय अवंतिका ने नीट परीक्षा पेपर लीक की खबर के बाद तीसरी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। यह घटना देश में परीक्षा सुरक्षा और छात्र मानसिक स्वास्थ्य की गंभीर स्थिति को उजागर करती है। इस घटना के बाद से ही युवा वर्ग में तनाव और निराशा की लहर दौड़ गई है, जो अक्सर आत्महत्या जैसी खतरनाक घटनाओं का कारण बन रही है।
अवंतिका के पिता का दर्द और युवाओं को संदेश
अवंतिका के पिता, जो खुद एक डॉक्टर हैं, ने कहा कि उनका मानना है कि युवाओं का आंदोलन और आवाज़ सही दिशा में है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी नीट परीक्षा की लीक खबर से बहुत निराश थी। बेटी ने खाने-पीने और बातचीत से दूरी बना ली थी। जब परिवार उसकी हालत देख रहा था, तो उसकी मां की आंखें भर आईं और परिवार की पुरानी तस्वीरें देखकर वह फफक उठी। पिता ने कहा कि सरकार ने जो निर्णय लिया है, वह देशहित में है, और उन्होंने युवाओं को हिम्मत और सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
आत्महत्या का कारण और परिवार का दर्द
अवंतिका इंदौर में रहकर तीन साल से नीट की तैयारी कर रही थी, लेकिन परीक्षा परिणाम न आने और पेपर लीक की खबर ने उसे तनाव में डाल दिया। वह अक्सर बोलने से कतराती थी और खाने-पीने का भी ध्यान नहीं रख रही थी। परिवार का कहना है कि बेटी का सपना डॉक्टर बनने का था, और वह अपने पिता की तरह ही समाज की सेवा करना चाहती थी। नीट पेपर लीक की खबर ने उसकी मानसिक स्थिति को बहुत प्रभावित किया, और इसी तनाव में उसने तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। परिवार का कहना है कि अब वे चाहते हैं कि भविष्य में बच्चों के साथ इस तरह का खेल न हो, और युवा मेहनत और संघर्ष के साथ जीवन में आगे बढ़ें।











