भारत की युवा स्क्वैश खिलाड़ी ने विश्व स्तर पर इतिहास रच दिया
कनाडा के ओंटारियो (Ontario) में आयोजित विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में 18 वर्षीय अनाहत सिंह ने अपने अद्भुत प्रदर्शन से देश का नाम गर्व से ऊंचा कर दिया है। उन्होंने मिस्र की अनुभवी खिलाड़ी रुकैय्या सालेम को सीधे गेमों में हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ ही वह पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्होंने इस प्रतिष्ठित जूनियर वर्ल्ड टाइटल को हासिल किया है।
मिस्र के दबदबे को तोड़ते हुए भारत का स्वर्णिम इतिहास
यह जीत भारतीय खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, क्योंकि पिछले दो दशकों से मिस्र का महिला जूनियर स्क्वैश में वर्चस्व कायम था। अनाहत ने इस वर्चस्व को तोड़ते हुए पूरे टूर्नामेंट में अपनी श्रेष्ठता का प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने छह मुकाबलों में से केवल दो गेम ही गंवाए और पूरे टूर्नामेंट में अपनी पकड़ मजबूत रखी। इससे पहले 2005 में जोशना चिनप्पा ही एकमात्र भारतीय थीं, जिन्होंने फाइनल तक पहुंचकर उपविजेता का स्थान हासिल किया था।
अनाहत सिंह की जीत और उनके भावुक पल
अपनी ऐतिहासिक सफलता के बाद अनाहत सिंह ने कहा कि उन्हें अभी भी इस जीत पर विश्वास नहीं हो रहा है। उन्होंने बताया कि यह टूर्नामेंट उनके लिए मानसिक रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण रहा, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में वह क्वार्टरफाइनल और सेमीफाइनल में हार का सामना कर चुकी थीं। यह उनके जूनियर करियर का अंतिम वर्ष था और उन्होंने इस मौके का पूरा लाभ उठाया।
देशभर से इस जीत पर बधाइयों का तांता लग गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि 2026 वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जिसने भारत का मान बढ़ाया है।











