राहुल गांधी ने छात्रों के आंदोलन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी
राहुल गांधी ने छात्रों के प्रदर्शन को पूरी तरह अनुचित और अस्वीकार्य बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की तीन मुख्य गैर-परिवर्तनीय मांगें हैं। पहली, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाया जाए, न कि उन्हें किसी अन्य मंत्रालय में स्थानांतरित किया जाए। दूसरी, छात्रों पर हुई हिंसा के जिम्मेदार व्यक्तियों को कठोर सजा दी जाए। तीसरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की अपील की गई है।
धर्मेंद्र प्रधान की भूमिका और छात्रों की सुरक्षा पर सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और नाकामी का प्रतीक बन चुके हैं, जिन्होंने छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। उनका तर्क है कि उन्हें मंत्रालय बदलने के बजाय पूरी तरह पद से हटा देना चाहिए। गांधी ने एक घायल छात्रा का उदाहरण देते हुए बताया कि उसे गंभीर चोट लगी है। उन्होंने यह भी बताया कि एक दिन पहले वह एक छात्र से मिले थे, जिसकी आंख में छर्रा लगा है और संभव है कि वह आगे कभी देख न सके।
छात्रों पर हिंसा और प्रधानमंत्री का रवैया
राहुल गांधी ने कहा कि हजारों छात्रों को लाठियों से पीटा गया, कई के सिर फूटे और शरीर में छर्रे लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा करने वालों और इसे आयोजित करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। साथ ही, गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी वीडियो बनाकर सुझाव दे रहे हैं, जबकि छात्रों की मांग सीधे कार्रवाई की है। गांधी का मानना है कि प्रधानमंत्री को स्वीकार करना चाहिए कि छात्रों पर अत्याचार हुआ है और इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।










