लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में महत्वपूर्ण अपडेट
उत्तर प्रदेश पुलिस ने लखीमपुर खीरी हिंसा से जुड़ी जांच के संबंध में सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि इस मामले में गवाहों को धमकाने के आरोप में पूर्व मंत्री अजय मिश्रा और उनके बेटे आशीष मिश्रा की कोई भूमिका नहीं पाई गई है। पुलिस ने यह भी बताया कि इन दोनों का नाम चार्जशीट में शामिल नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट में दी गई जानकारी और जांच का वर्तमान स्थिति
यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट में आशीष मिश्रा की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान प्रस्तुत की गई। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (CJI) की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष उत्तर प्रदेश सरकार ने ताजा रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में बताया गया कि गवाहों को धमकाने के आरोप से जुड़े अलग मामले की जांच पूरी हो चुकी है। पुलिस ने अदालत को सूचित किया कि अमनदीप सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है और अदालत ने इस पर संज्ञान भी लिया है। हालांकि, जांच के दौरान अजय मिश्रा और आशीष मिश्रा की भूमिका संदिग्ध नहीं पाई गई।
अगली सुनवाई और ट्रायल की प्रगति
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई अगले महीने के लिए निर्धारित कर दी है। अदालत को यह भी बताया गया कि लखीमपुर हिंसा का ट्रायल अगले तीन महीनों में पूरा हो सकता है। फिलहाल, ट्रायल में अभी भी 62 गवाहों की गवाही बाकी है। मई में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की थी और कोर्ट ने निर्देश दिया था कि सुनवाई तेज की जाए तथा उत्तर प्रदेश सरकार नियमित रूप से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे।









