छिंदवाड़ा में जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत की जांच का विस्तार
छिंदवाड़ा में जहरीली Coldrif कफ सिरप से हुई 20 बच्चों की मौत के मामले में जांच अब तमिलनाडु तक पहुंच गई है। मध्य प्रदेश पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में गठित सात सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने बुधवार को तमिलनाडु के कांचीपुरम क्षेत्र में स्थित दवा निर्माता कंपनी की फैक्ट्री और कार्यालय की तलाशी ली।
जांच अधिकारी ने बताया कि इस दवा कंपनी का मालिक जांच शुरू होने से तीन दिन पहले ही अपने कार्यालय और फैक्ट्री छोड़कर चला गया था। टीम ने रजिस्टर्ड ऑफिस में मौजूद सीसीटीवी फुटेज की मदद से महत्वपूर्ण सुराग जुटाए हैं। कांचीपुरम के सुंगुवरछत्रम में स्थित इस विनिर्माण संयंत्र को पहले ही सील कर दिया गया है। तमिलनाडु पुलिस स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर इस मामले की जांच में सहयोग कर रही है।
जांच में मिली अहम जानकारियां और आगे की कार्रवाई
जांचकर्ताओं ने बताया कि फैक्ट्री का मालिक और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। साथ ही, इस दवा की आपूर्ति और वितरण के स्रोतों का भी पता लगाया जा रहा है। टीम सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इस मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है। तमिलनाडु सरकार ने इस संयंत्र को सील कर दिया है और जांच जारी है।
यह कदम उस समय उठाया गया है जब भारत में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। सरकार और संबंधित एजेंसियां इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रही हैं।
बच्चों की सुरक्षा के लिए सरकार की चेतावनी और प्रतिबंध
मध्य प्रदेश में जहरीली कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत के बाद सरकार ने तुरंत ही इस दवा पर प्रतिबंध लगा दिया था। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने 4 अक्टूबर को कहा था कि इस दवा के नमूने मिलावटी पाए गए हैं। इसके बाद कंपनी को उत्पादन तुरंत बंद करने का निर्देश दिया गया।
यह दवा कंपनी चेन्नई में स्थित है और पुडुचेरी, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों को Coldrif नामक कफ सिरप की आपूर्ति करती रही है। तमिलनाडु सरकार ने 1 अक्टूबर से ही इस दवा पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस घटना ने देशभर में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।











