दतिया विधानसभा उपचुनाव का राजनीतिक संग्राम तेज
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस बार अपने कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाकर चुनावी मैदान में उतारा है। इस निर्णय के विरोध में नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया और पुलिस पर पथराव भी किया। इस बीच, नरोत्तम मिश्रा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात कर अपनी बात रखी।
बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी का दावा और संगठन की एकता
मीडिया से बातचीत में आशुतोष तिवारी ने कहा कि उन्होंने नरोत्तम मिश्रा को अपना अभिभावक माना है और उनके साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में पार्टी चुनाव लड़ेगी और जीत हासिल करेगी। आशुतोष तिवारी ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी के अंदर कोई आंतरिक फाइट नहीं है, बल्कि सभी नेता और कार्यकर्ता पूरी तरह से एकजुट हैं। दतिया से टिकट मिलने पर उन्होंने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया और कहा कि वे 1994 से सार्वजनिक जीवन में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी एक कार्यकर्ता आधारित पार्टी है और उन्हें जैसे सामान्य कार्यकर्ता को विधानसभा सदस्य का मौका मिला है।
उपचुनाव की तैयारियां और चुनावी समीकरण
दतिया सीट के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 13 जुलाई निर्धारित की गई है, जिसमें बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दल अपने उम्मीदवारों का पर्चा भरेंगे। बीजेपी की ओर से आशुतोष तिवारी के साथ ही मुख्यमंत्री मोहन यादव, बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी नामांकन में भाग लेंगे। वहीं, कांग्रेस की ओर से घनश्याम सिंह का नामांकन होगा, जिनके समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और उमंग सिंघार भी मौजूद रहेंगे। इस उपचुनाव में मतदान 30 जुलाई को होगा, जबकि परिणाम 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि 2023 में इस सीट पर कांग्रेस के राजेंद्र भारती विजेता थे, लेकिन धोखाधड़ी के मामले में उन्हें सजा मिलने के बाद यह सीट रिक्त हो गई थी।











