पंजाब कांग्रेस में जारी संघर्ष का समाधान खोजने का प्रयास
पंजाब कांग्रेस में चल रहे अंदरूनी टकराव को समाप्त करने के लिए कांग्रेस नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को चंडीगढ़ भेजा। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य था विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के दो प्रमुख धड़ों-अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और चरणजीत सिंह चन्नी-के बीच स्थिरता लाना और दोनों नेताओं को एक साथ लाने का प्रयास करना।
बघेल की चंडीगढ़ यात्रा और बैठकें
जैसे ही भूपेश बघेल चंडीगढ़ पहुंचे, उनके साथ हुई बैठकें शुरू हो गईं। इन बैठकों में लगभग 92 नेताओं ने भाग लिया, लेकिन इन प्रयासों का कोई खास असर नहीं दिखा। चन्नी गुट वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की अपनी मांग पर अड़ा रहा, जबकि बघेल ने स्पष्ट कर दिया कि वडिंग ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रहेंगे।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक और निर्णय
बैठक के दौरान चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा जैसे वरिष्ठ नेताओं ने वडिंग को हटाने की मांग की। बघेल ने बाद में कहा कि कुछ नेताओं को संदेह और सुझाव हैं, जिन्हें वे हाईकमान के सामने रखेंगे। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि सभी नेताओं के हितों का ध्यान रखा जाएगा और उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा।











