समस्तीपुर के चकोटी मठ में हुई धार्मिक मूर्तियों की चोरी
समस्तीपुर जिले के खानपुर प्रखंड में स्थित ऐतिहासिक चकोटी मठ में एक गंभीर चोरी की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। इस प्राचीन मंदिर में करीब दो सौ वर्ष पुरानी अष्टधातु की भगवान राम, सीता और लक्ष्मण की मूर्तियों, बहुमूल्य आभूषणों, दानपेटी और अन्य धार्मिक सामग्री को चोरों ने निशाना बनाया। इस चोरी की कीमत लगभग डेढ़ करोड़ रुपये आंकी जा रही है, जो इस घटना की गंभीरता को दर्शाता है।
रात की घटना और मंदिर का खुला दरवाजा
बताया जा रहा है कि यह चोरी शनिवार की रात को हुई। रविवार सुबह जब मंदिर के पुजारी पूजा के लिए गर्भगृह पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि मंदिर का दरवाजा खुला था। अंदर जाकर देखा तो भगवान राम, सीता और लक्ष्मण की अष्टधातु मूर्तियां, धनुष-बाण, छत्र, आभूषण, दानपेटी और अन्य धार्मिक वस्तुएं गायब थीं। घटना की जानकारी मिलते ही पुजारी ने तुरंत ही ग्रामीणों और पुलिस को सूचित किया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मठ परिसर में पहुंच गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस और जांच एजेंसियों की कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए खानपुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया। टीम ने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए और तकनीकी जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। साथ ही, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि चोरों की पहचान की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है और आरोपियों को पकड़ने का प्रयास जारी है।
यह घटना खासतौर पर उस समय और भी महत्वपूर्ण हो जाती है जब यह पता चलता है कि चोरी गई मूर्तियां करीब 200 साल पुरानी हैं और गर्भगृह से चोरी हुए आभूषण सोने और अन्य बहुमूल्य धातुओं से बने हैं। चकोटी मठ का इतिहास और धार्मिक महत्व इसे और भी संवेदनशील बनाता है। इस मंदिर की स्थापना लगभग दो सौ वर्ष पहले हुई थी, और यह क्षेत्र धार्मिक आस्था का केंद्र माना जाता है। 2012 में यहां महामंडलेश्वर श्री राम सेवक दास जी महाराज ने पूजा-अर्चना और धार्मिक गतिविधियों का संचालन शुरू किया था। 24 जून को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी इस मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल हुए थे, जहां भगवान विष्णु के 24 अवतारों की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी।
महामंडलेश्वर श्री राम सेवक दास महाराज ने बताया कि ये अष्टधातु की मूर्तियां उनके गुरु से प्राप्त हुई थीं, जिन्हें 2012 में मंदिर में स्थापित किया गया था। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल चोरी नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था पर गहरा आघात है। उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द मूर्तियों और धार्मिक सामग्री की बरामदगी की मांग की है। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं की जांच में जुटी है और श्रद्धालु प्राचीन मूर्तियों की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं।









