मध्य प्रदेश में दतिया उपचुनाव के दौरान राजनीतिक तनाव और हलचल
मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने हाल ही में कहा है कि बड़े परिवारों में छोटी-मोटी बातों का होना आम बात है, जो अक्सर सुलझ जाती हैं। यह बयान उस समय आया है जब दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा को टिकट न दिए जाने के बाद राजनीतिक हंगामा मच गया था।
शनिवार को देवड़ा दतिया पहुंचे और उन्होंने मां पीतांबरा मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने स्थानीय बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। यह उपचुनाव इसलिए जरूरी हो गया था क्योंकि कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता धोखाधड़ी के मामले में दोषी पाए जाने के कारण खत्म हो गई थी। मतदान 30 जुलाई को होगा और मतगणना 3 अगस्त को निर्धारित है।
बीजेपी का टिकट बंटवारे और विरोध प्रदर्शन का घटनाक्रम
बीजेपी ने शुक्रवार को आशुतोष तिवारी को उपचुनाव का उम्मीदवार घोषित किया, जबकि पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को नजरअंदाज कर दिया गया। इस निर्णय के बाद मिश्रा के समर्थकों ने हिंसक विरोध प्रदर्शन किया और करीब 12 घंटे तक नेशनल हाईवे-44 को जाम कर दिया।
प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया और कई लोगों को हिरासत में लिया। इस झड़प में दतिया के एसपी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राज्य नेतृत्व ने इस राजनीतिक उथल-पुथल को शांत करने के लिए देवड़ा को दतिया भेजा है।
राजनीतिक बयानबाजी और संगठनात्मक गतिविधियां
देवड़ा ने फोन पर एक न्यूज एजेंसी से कहा, “बड़े परिवार में छोटी-मोटी बातें होती रहती हैं, जो अक्सर सुलझ जाती हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि सब कुछ पूरी तरह सामान्य है। साथ ही, उन्होंने मां पीतांबरा मंदिर में सभी की भलाई और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की।
उन्होंने बताया कि उन्होंने स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से मुलाकात की है, जो रविवार से उपचुनाव के प्रचार में जुटेंगे। वहीं, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दतिया का दौरा करेंगे।
इसी क्रम में, नरोत्तम मिश्रा ने शनिवार को भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव, खंडेलवाल और संगठन के महासचिव अजय जामवाल से मुलाकात की। पार्टी ने कहा कि संगठनात्मक मामलों और चुनाव की तैयारियों पर चर्चा हुई है और सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर तिवारी की जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रचार करेंगे।
विपक्षी कांग्रेस ने भी उपचुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के खिलाफ पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित किया है।
राज्य के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि बीजेपी में टिकट घोषित होने के बाद उम्मीदवार बदलने की परंपरा नहीं है, इसलिए कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
मिश्रा ने कहा कि वह सोमवार को दतिया में नामांकन दाखिल करने के लिए तिवारी के साथ जाएंगे और उन्होंने समर्थकों से शांत रहने का आग्रह किया है।
वहीं, विपक्षी पार्टी शिवसेना (UBT) ने भी नरोत्तम मिश्रा को उपचुनाव के लिए टिकट देने का प्रस्ताव रखा है। शिवसेना (UBT) के प्रदेश प्रमुख सुनील शर्मा ने कहा कि यदि मिश्रा इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं, तो पार्टी के नेता उनके प्रचार के लिए मैदान में उतरेंगे।










