दिल्ली में इलेक्ट्रिक वैन सेवा से सार्वजनिक परिवहन में नई क्रांति
दिल्ली सरकार राजधानी में सार्वजनिक यातायात को बेहतर बनाने के लिए 7-सीटर इलेक्ट्रिक वैन सेवा शुरू करने की योजना बना रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन इलाकों तक पहुंच बनाना है, जहां पारंपरिक डीटीसी या क्लस्टर बसें नहीं पहुंच पाती हैं। इससे मेट्रो स्टेशनों, मुख्य बस मार्गों और आवासीय क्षेत्रों के बीच अंतिम मील की कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।
सस्ती और प्रदूषण मुक्त यात्रा का नया विकल्प
सूत्रों के अनुसार, यह सेवा पहले से चल रही ग्रामीण सेवा की तर्ज पर शुरू की जा सकती है, लेकिन इसमें पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रयोग किया जाएगा। इस योजना का लक्ष्य यात्रियों को किफायती, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन विकल्प प्रदान करना है। सरकार की योजना के तहत ये 7-सीटर इलेक्ट्रिक वैन करोल बाग जैसी संकरी गलियों, आउटर दिल्ली के गांवों, अनधिकृत कॉलोनियों और उन रिहायशी इलाकों में चलाई जा सकती हैं, जहां वर्तमान में सार्वजनिक परिवहन सीमित है।
शेयर्ड मॉडल पर आधारित होगी नई सेवा
यह सेवा निजी टैक्सी की तरह नहीं, बल्कि साझा (शेयर्ड) परिवहन मॉडल पर आधारित होगी। इससे यात्रियों से कम किराया लिया जाएगा, ताकि आम जनता को सस्ती यात्रा का विकल्प मिल सके और मेट्रो व बस सेवाओं तक पहुंच आसान हो। साथ ही, दिल्ली सरकार इस योजना के माध्यम से बढ़ रहे ई-रिक्शा संचालन को भी नियंत्रित करना चाहती है। इसके लिए परमिट प्रणाली लागू करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि अनियंत्रित संचालन पर रोक लगाई जा सके और यातायात व्यवस्था में सुधार हो।
परिवहन विभाग जल्द ही इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं और ऑपरेटरों से उपयुक्त 7-सीटर वाहनों, तकनीकी मानकों और संचालन व्यवस्था पर सुझाव मांगेगा। इस योजना का अंतिम उद्देश्य दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रयोग बढ़ाना, प्रदूषण कम करना और एक टिकाऊ, स्वच्छ और आधुनिक परिवहन प्रणाली का निर्माण करना है। यह पहल दिल्ली सरकार की आगामी ईवी (Electric Vehicle) नीति 2026 का हिस्सा मानी जा रही है।










