स्पेन की शानदार जीत और रिकॉर्ड ब्रेकिंग प्रदर्शन
कैलिफोर्निया में आयोजित इस रोमांचक फुटबॉल मुकाबले में स्पेनिश टीम का प्रदर्शन अत्यंत प्रभावशाली रहा। कोच लुईस डे ला फुएंते ने शुरुआत में पेड्रि की जगह फैबियन रुइज़ को मौका देकर सभी को चौंका दिया, लेकिन रुइज़ ने अपने कोच के भरोसे को सही साबित करते हुए मैच का पहला गोल किया। इस मैच का मुख्य आकर्षण रहा फैबियन रुइज़ का अद्भुत प्रदर्शन, जिन्होंने शुरुआत से ही टीम को मजबूत किया। डैनी ओल्मो के शॉट को बेल्जियम के गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन गेंद रुइज़ के पास पहुंची और उन्होंने उसे गोल में बदल दिया।
मिडफील्डर मेरिनो का निर्णायक गोल और बेल्जियम की हार
माइकल मेरिनो ने दूसरे हाफ में अपने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए निर्णायक गोल किया, जब बेल्जियम के गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ चोटिल होकर मैदान से बाहर चले गए। उनके स्थान पर आए सेन लैमेंस की गलती का फायदा उठाते हुए मेरिनो ने टीम के लिए जीत सुनिश्चित कर दी। वहीं, हाफ टाइम से ठीक पहले चार्ल्स डी केटलेरे ने केविन डी ब्रुयने के बेहतरीन पास पर हेडर के जरिए गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया, लेकिन बेल्जियम इस बराबरी को कायम नहीं रख सका।
स्पेन का लगातार 36 मैचों से अपराजित रहना और सेमीफाइनल का मुकाबला
इस जीत के साथ स्पेन ने अपने निरंतर 36 मैचों से अपराजित रहने का रिकॉर्ड कायम किया है, जो कि अर्जेंटीना के रिकॉर्ड के बराबर है। वहीं, सेमीफाइनल में स्पेन का मुकाबला फ्रांस से होगा। फ्रांस ने अपने क्वार्टर फाइनल में मोरक्को को 2-0 से हराकर अंतिम चरण में प्रवेश किया है। फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे इस टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में हैं और अब तक आठ गोल कर चुके हैं। उन्होंने इस मैच के साथ ही वर्ल्ड कप इतिहास में 20 गोल पूरे कर लिए हैं और गोल्डन बूट की दौड़ में लियोनेल मेस्सी को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। फुटबॉल प्रेमियों के लिए स्पेन बनाम फ्रांस का यह मुकाबला इस टूर्नामेंट का सबसे रोमांचक मैच माना जा रहा है।











