झारखंड टेटुलिया वन भूमि घोटाले में बड़ी सफलता
झारखंड के चर्चित टेटुलिया वन भूमि घोटाले की जांच कर रही सीआईडी को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। इस जांच में सीआईडी ने करोड़ों रुपये की सरकारी वन भूमि पर अवैध कब्जा और बिक्री से जुड़े मुख्य आरोपी शैलेश सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी को बिहार की राजधानी पटना से हिरासत में लिया गया है, जो इस घोटाले का मुख्य मास्टरमाइंड माना जा रहा है।
शैलेश सिंह की गिरफ्तारी और कानूनी प्रक्रिया
सीआईडी के अनुसार, 59 वर्षीय शैलेश सिंह पटना का निवासी है। गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर झारखंड लाया जाएगा। आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पहले झारखंड हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी, लेकिन दोनों ही अदालतों ने उसकी याचिका खारिज कर दी। इस दौरान, सीआईडी और पुलिस की विशेष टीमें उसकी तलाश में लगी थीं, जो वह कई बार चकमा देकर भागने में सफल रहा।
फर्जी भूमि अधिग्रहण और जमीन का जालसाजी मामला
यह मामला बोकारो के टेटुलिया क्षेत्र में करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन के फर्जी अधिग्रहण और भूमि अभिलेख में जालसाजी से जुड़ा है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस जमीन की खरीद के लिए एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाई गई थी, जिसकी स्थापित पूंजी केवल दो लाख रुपये थी, बावजूद इसके उसने कई करोड़ की जमीनें खरीद लीं।
सीआईडी ने इस मामले में पहले ही इजहार हुसैन और अख्तर हुसैन को गिरफ्तार किया है, जो जाली दस्तावेजों के माध्यम से सरकारी जमीन पर कब्जा करने के आरोप में हैं। साथ ही, इस धोखाधड़ी में शामिल दो निदेशकों को भी हिरासत में लिया गया है, जिनकी मदद से वित्तीय सहायता प्राप्त कर जमीन का अवैध कब्जा किया गया।










