हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी का नया दौर शुरू
हरियाणा में कांग्रेस पार्टी अपने नेताओं के बीच चल रही गुटबाजी से जूझ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के बीच चल रही राजनीतिक तकरार के बीच, पार्टी की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सामने आ गई है। बुधवार को हरियाणा कांग्रेस के नए प्रभारी संजय दत्त (Sanjay Dutt) चंडीगढ़ पहुंचे और सभी वरिष्ठ नेताओं को एक मंच पर लाकर संगठन की मजबूती का प्रयास किया। हालांकि, इस दौरान कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Bhupinder Singh Hooda) ने एक-दूसरे पर तंज कसते हुए राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया।
नेताओं के बीच मजाकिया तंज और राजनीतिक संकेत
कांग्रेस के इस आयोजन में हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नए प्रभारी संजय दत्त का स्वागत किया गया। इस दौरान सुरजेवाला और हुड्डा ने एक-दूसरे को मजाकिया अंदाज में निशाने पर लिया। हुड्डा ने सुरजेवाला से साथ देने की गुजारिश की, तो जवाब में सुरजेवाला ने कहा कि अब आपकी बारी है मेरे साथ खड़े होने की। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा, बीरेन्द्र सिंह, कुमारी सैलजा, सुरजेवाला समेत कई विधायक, सांसद और वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे। इन नेताओं ने संगठन को मजबूत बनाने और आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए रणनीति बनाने पर चर्चा की।
दोनों नेताओं के बीच मजाकिया लहजे में कही गई बातें सियासी चर्चा का विषय बन गई हैं। हुड्डा ने सुरजेवाला से कहा कि यदि वह उनका साथ दे दें, तो पार्टी में धमाका हो सकता है। इस पर सुरजेवाला ने जवाब दिया कि उन्हें 20 साल से हुड्डा का साथ मिल रहा है, अब उनकी बारी है कि वह उनका समर्थन करें। इस तरह की बातें पार्टी के अंदर गुटबाजी की जड़ें फिर से उभर कर सामने आ गई हैं।
सियासी तंज और पार्टी की अंदरूनी खींचतान
हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी का यह सिलसिला नई बात नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा और सुरजेवाला के बीच चल रही तकरार पार्टी के अंदरूनी विवाद का प्रतीक बन गई है। दोनों नेता एक-दूसरे पर राजनीतिक तंज कसते हुए अपनी-अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस की लगातार हार का कारण संगठन में असंतुलन है और 56 वर्षों में पार्टी ने केवल तीन चुनाव ही जीते हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर क्यों 56 साल में केवल तीन चुनाव ही जीत पाए हैं।
सुरजेवाला ने हुड्डा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वोट शेयर से फर्क नहीं पड़ता, बल्कि यह देखना जरूरी है कि कितने विधायक जीतते हैं। उन्होंने दीपेंद्र सिंह हुड्डा का जिक्र करते हुए कहा कि यदि विधायक संख्या 46 भी हो, तो भी जीत का प्रतिशत क्यों नहीं बढ़ रहा है। इस तरह, दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक तंज का सिलसिला जारी रहा।
वहीं, हुड्डा ने भी सुरजेवाला के बयान का जवाब देते हुए कहा कि यदि वह उनका साथ दे दें, तो पार्टी में बड़ा धमाका हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सुरजेवाला ने अपने बयान में हुड्डा का आशीर्वाद मांगा था, जिस पर हॉल में हंसी का माहौल बन गया। इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट है कि हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी और अंदरूनी खींचतान अभी भी जारी है, जो आगामी चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति पर असर डाल सकती है।











