मध्यप्रदेश में सोशल मीडिया पर हाईकोर्ट की फर्जी वीडियो वायरल करने का मामला
मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में एक युवक को सोशल मीडिया पर जबलपुर हाईकोर्ट की फर्जी वीडियो कांफ्रेंसिंग वायरल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान अमित कुमार तिवारी (26 वर्ष), पिता बृजेन्द्र तिवारी, निवासी पिपराझापी (सिंगरौली) के रूप में हुई है। यह मामला तब सामने आया जब आरोपी ने हाईकोर्ट की एक नकली वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक और ट्विटर पर साझा किया।
हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने हाईकोर्ट जबलपुर की फर्जी वीडियो में न्यायालय के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया। इस वीडियो में वह न्यायालय के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग कर रहा था। जैसे ही यह मामला चर्चा में आया, उच्च न्यायालय ने 6 जुलाई 2026 को स्वतः संज्ञान लेते हुए आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया।
आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज और गिरफ्तारी
इस मामले में थाना सिविल लाइन जबलपुर में प्राथमिकी दर्ज कराई गई और इसे बैढ़न थाना को जांच के लिए भेजा गया। आरोपी के खिलाफ धारा 351(4), 353(2), 356(2), 319(2), 296 बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि वीडियो में युवक ऑनलाइन कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान जज को गाली देते हुए कह रहा था कि वह बहुत बड़ा गुंडा है और कह रहा था कि वह रोज कोर्ट में पेश होता है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अमित तिवारी ने बताया कि उसने अपने फेसबुक पेज ‘प्रचंड प्रहार’ की पहुंच बढ़ाने के लिए यह फर्जी वीडियो बनाया और वायरल किया। पुलिस ने वीडियो बनाने में इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त कर लिए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।









