बिहार मानवाधिकार आयोग का भरत भूषण तिवारी मौत मामले में आदेश
बिहार के भोजपुर जिले के भरत भूषण तिवारी की मृत्यु के संदर्भ में बिहार मानवाधिकार आयोग (BHRC) ने एक अंतरिम आदेश जारी किया है, जिसमें बिहार सरकार को मृतक के माता-पिता को उचित मुआवजा देने का निर्देश दिया गया है। यह मुआवजा मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 18(सी) के अंतर्गत प्रदान किया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि यह राहत तत्काल राहत के रूप में दी जा रही है, न कि सरकार की कानूनी जिम्मेदारी स्वीकार करने का संकेत।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच की स्थिति
आयोग के समक्ष प्रस्तुत पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि भरत भूषण तिवारी की मौत गोली लगने से अत्यधिक खून बहने और शॉक के कारण हुई। रिपोर्ट दाखिल करने के लिए बिहार सरकार को दो सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया गया है, जिसे आयोग ने स्वीकार कर लिया है। आयोग ने यह भी कहा कि जांच अभी जारी है और इससे पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा, क्योंकि इससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
आयोग का न्यायिक जांच और अगली सुनवाई
बिहार मानवाधिकार आयोग ने बताया कि इस मामले की न्यायिक जांच पटना हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में चल रही है। आयोग इस जांच की रिपोर्ट का भी इंतजार कर रहा है। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त 2026 को निर्धारित है, जिसमें बिहार सरकार को अपना विस्तृत जवाब और जांच रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।











