दिल्ली में दहेज हत्या का मामला: पति गिरफ्तार, जांच जारी
दिल्ली में आकृति सुतार की मौत के पीछे दहेज के कारण उत्पन्न हुई जटिलताओं का खुलासा हुआ है। इस मामले में आरोपी पति को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, और जांच प्रक्रिया अभी भी जारी है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है, क्योंकि आकृति की अंतिम दिनों की स्थिति और उसके परिवार की चिंताएं सामने आ रही हैं।
आकृति की अंतिम दिनों की स्थिति और परिवार का बयान
आकृति सुतार के भाई अमय सुतार ने अपनी बहन के जीवन के अंतिम दिनों के बारे में विस्तार से बताया। उनका कहना है कि आकृति को उम्मीद थी कि यदि वह नौकरी करती रहेगी और घर का सामान धीरे-धीरे खरीद लेगी, तो ससुराल वालों के ताने खत्म हो जाएंगे। अमय ने बताया कि आकृति की शादी 24 अप्रैल को अरस्तू सिक्का (Arastu Sikka) से हुई थी, और दोनों दो वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे। शादी के बाद आकृति ने कुछ दिनों की छुट्टी ली और 1 जुलाई से छतरपुर की एक निजी कंपनी में सेल्स एग्जीक्यूटिव के रूप में काम फिर से शुरू किया।
पारिवारिक संघर्ष और दहेज की मांग का मामला
अमय का आरोप है कि आकृति अपने परिवार पर बोझ नहीं बनना चाहती थी। उनके पिता का कैंसर से 2019 में निधन हो चुका है, जिसमें काफी खर्च हुआ और परिवार पर कर्ज भी बढ़ गया। आकृति ने अपने पिता के गुजर जाने के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभाली और चाहती थी कि उसका भाई आत्मनिर्भर बन सके। शादी से पहले ससुराल वाले आकृति की नौकरी को लेकर सहमत थे, लेकिन शादी के बाद उन्होंने अपना रवैया बदल लिया। परिवार का आरोप है कि ससुराल वालों ने ताने दिए कि आकृति अपने मायके से बेड, सोफा, अलमारी, फ्रिज और एसी जैसी जरूरी चीजें नहीं लाई। अमय ने यह भी आरोप लगाया कि ससुराल की ओर से 10 से 20 लाख रुपये की मांग की जा रही थी।










