इंदौर में बुजुर्ग महिला का संघर्ष और न्याय की उम्मीद
मंगलवार को इंदौर में आयोजित कलेक्टर जनसुनवाई के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया जिसने वहां मौजूद अधिकारियों और जनता को भावुक कर दिया। लगभग 80 वर्ष की वृद्ध महिला अनीसा अपनी जमीन को सुरक्षित रखने और न्याय पाने के लिए उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एम्बुलेंस में सवार होकर करीब 1000 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर इंदौर पहुंचीं। उम्र, बीमारियों और शारीरिक कमजोरी के बावजूद उनका यह संघर्ष चर्चा का विषय बन गया है।
स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बावजूद जमीन की रक्षा का जज्बा
जानकारी के अनुसार, अनीसा लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं। वह चलने-फिरने में असमर्थ हैं और पूरी तरह लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर जीवित हैं। इसके बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी जमीन को सुरक्षित करने के लिए इतनी लंबी यात्रा का निर्णय लिया। न्याय की आशा में वह बिजनौर से इंदौर आईं और कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में अपनी शिकायत दर्ज कराई।
रिश्तेदारों द्वारा जमीन पर अवैध कब्जा का आरोप
बुजुर्ग महिला का आरोप है कि उनके रिश्तेदारों ने उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। उनका कहना है कि अब उन्हें उनकी ही संपत्ति से बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है। महिला ने प्रशासन से अपील की है कि उनकी जमीन वापस दिलाई जाए और कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
जनसुनवाई के दौरान अनीसा ने एडीएम रोशन राय को अपना आवेदन सौंपा। उन्होंने अपनी समस्या और जमीन से जुड़े दस्तावेजों को प्रशासन के सामने रखा। महिला का कहना है कि वह काफी समय से न्याय के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन अभी तक उन्हें राहत नहीं मिली है।
उनके वकील और परिवार का दावा है कि विवादित जमीन की बाजार कीमत लगभग दो करोड़ रुपये है। आरोप है कि महिला के सगे भतीजे अनीस और अन्य रिश्तेदारों ने गांधी नगर क्षेत्र में स्थित दो प्लॉटों के दस्तावेजों में हेराफेरी कर कब्जा कर लिया है। इस कारण परिवार को अपनी ही जमीन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
परिजनों का कहना है कि इस मामले में कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। जब सभी प्रयास विफल हो गए, तो उन्होंने इंदौर पहुंचकर सीधे प्रशासन से मदद मांगी। इसी वजह से गंभीर स्वास्थ्य स्थिति के बावजूद बुजुर्ग महिला को लंबी यात्रा करनी पड़ी।
जनसुनवाई में मौजूद अधिकारियों ने महिला की बात सुनी और उनके वकील ने पूरा पक्ष रखा। एडीएम रोशन राय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। प्रशासन ने संबंधित विभागों को दस्तावेजों की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।
अब महिला और उनके परिवार को प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है। जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।











