बुलेट ट्रेन से दिल्ली और पटना के बीच यात्रा का नया युग शुरू
देश की राजधानी दिल्ली को बिहार की राजधानी पटना से बुलेट ट्रेन के माध्यम से जोड़ने का कार्य सरकार गंभीरता से कर रही है। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया है कि जब पटना एक बार बुलेट नेटवर्क से जुड़ जाएगा, तो इससे बिहार को व्यापक लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि पटना से दिल्ली की यात्रा अब केवल 4 घंटे 41 मिनट में पूरी हो सकेगी। इसके साथ ही, सरकार ने सिलीगुड़ी तक बुलेट ट्रेन के विस्तार की योजना भी शुरू कर दी है, जिसके लिए तैयारियां चल रही हैं। उल्लेखनीय है कि अगले साल अहमदाबाद से मुंबई के बीच पहली बुलेट ट्रेन सेवा शुरू होने जा रही है।
बिहार में बुलेट ट्रेन का भविष्य और विस्तृत योजनाएं
रेल मंत्री ने कहा है कि आने वाले समय में बिहार में भी बुलेट ट्रेन सेवा शुरू होगी। यह ट्रेन दिल्ली से लखनऊ, लखनऊ से वाराणसी, वाराणसी से पटना और फिर पटना से सिलीगुड़ी तक जाएगी। इससे दिल्ली से पटना की यात्रा का समय घटकर मात्र 4 घंटे 41 मिनट रह जाएगा। इसके अलावा, भारत ने अब अपनी खुद की बुलेट ट्रेन बनाने की क्षमता विकसित कर ली है। मंत्री ने यह भी घोषणा की है कि अगले साल मुंबई-पुणे बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर कार्य शुरू किया जाएगा।
बुलेट ट्रेन परियोजनाओं का विस्तार और रेलवे विकास की दिशा
पटना-दिल्ली हाई-स्पीड रेल परियोजना भारत के पूर्वी रेलवे नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो अभी योजना और सर्वे चरण में है। यह दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड कॉरिडोर का एक अभिन्न भाग है, जिसमें पटना मुख्य स्टेशन के रूप में शामिल होगा। वर्तमान में दिल्ली से पटना की दूरी लगभग 1000 से 1100 किलोमीटर है, जिसे पहले 12 से 17 घंटे में पूरा किया जाता था। बुलेट ट्रेन के शुरू होने के बाद, यह यात्रा 5 घंटे से भी कम समय में पूरी हो सकेगी।
केंद्रीय रेल मंत्री ने बिहार में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए इस वित्त वर्ष में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट आवंटित करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि बिहार के विभिन्न रेलवे परियोजनाओं पर पहले ही लगभग 1.15 लाख करोड़ रुपये की लागत से काम चल रहा है। पटना रेलवे स्टेशन पर पांच नए प्लेटफॉर्म का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है, साथ ही फतुहा स्टेशन का भी विकास किया जा रहा है।











