पन्ना में दिव्यांग महिला की दर्दनाक कहानी और सरकारी योजनाओं का अभाव
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में आयोजित एक जनसुनवाई के दौरान एक ऐसी तस्वीर देखने को मिली जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति का दिल छू लिया। गौरा गांव की एक दिव्यांग महिला अपने पति के कंधे पर बैठकर कलेक्ट्रेट पहुंची। इस महिला का नाम नीलू राजा है, जो अपने बच्चों के साथ इस सरकारी कार्यक्रम में भाग लेने आई थी। उसने अपनी कठिनाइयों को साझा करते हुए बताया कि पिछले दस वर्षों से उसका परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित है।
सरकारी योजनाओं से वंचित परिवार की पीड़ा और स्वास्थ्य संकट
नीलू राजा ने बताया कि उसके पास पहले गरीबी रेखा का राशन कार्ड था, लेकिन पंचायत के कर्मचारियों ने उसे गरीबी रेखा की श्रेणी से बाहर कर दिया। इसके बाद से उसे राशन पर्ची नहीं मिली है, जिससे उसका परिवार नियमित रूप से राशन नहीं ले पा रहा है। इस कारण से परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। साथ ही, वह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से भी जूझ रही हैं। उनका किडनी का इलाज भोपाल (Bhopal) के एम्स (AIIMS) अस्पताल में चल रहा है।
अधिकारियों की उदासीनता और महिला का संघर्ष
नीलू राजा ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी समस्या को लेकर कई बार सरपंच, सचिव, पंचायत, जिला और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इस दौरान वह अपनी व्यथा को व्यक्त करते हुए भावुक हो गई। जनसुनवाई में पहुंची इस महिला की तस्वीर वहां मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही थी। कलेक्टर उषा परमार ने इस मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने महिला को राशन पर्ची बनवाने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा भी दिलाया। अब परिवार को उम्मीद है कि उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान जल्द ही हो सकेगा और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल पाएगा।











