बिहार में मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा की तैयारियां तेज
बिहार में मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल (जेल वार्डर) और चलंत दस्ता सिपाही की भर्ती परीक्षा को लेकर प्रशासन और रेलवे ने व्यापक व्यवस्था की है। यह परीक्षा का दूसरा चरण 17 जून को आयोजित किया जाना है। पहले चरण के दौरान रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ और अव्यवस्था की घटनाएं देखने को मिली थीं, जिसके बाद रेलवे ने अतिरिक्त इंतजाम किए हैं।
भर्ती अभियान और परीक्षा का आयोजन
इस भर्ती अभियान के तहत कुल 4210 पदों पर नियुक्ति होनी है, जिनमें 1685 पद मद्य निषेध सिपाही, 2417 पद कक्षपाल और 108 पद चलंत दस्ता सिपाही के हैं। इस परीक्षा में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 16 लाख से अधिक है। परीक्षा का आयोजन बिहार के 38 जिलों में दो शिफ्टों में किया जा रहा है।
पिछले परीक्षा का अनुभव और सुरक्षा व्यवस्था
14 जून को आयोजित पहली चरण की परीक्षा के दौरान पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ जमा हो गई थी। हजारों परीक्षार्थी अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए रेलवे स्टेशनों पर उमड़ पड़े थे। भीड़ इतनी अधिक थी कि रेलवे को विशेष ट्रेनों का संचालन करना पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में रेलवे ट्रैक पर अभ्यर्थियों की भीड़ देखी गई, जिससे भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए।
अब दूसरे चरण की परीक्षा के मद्देनजर रेलवे ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को और मजबूत किया है। दानापुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (डीसीएम) अभिनव सिद्धार्थ ने बताया कि 17 जून के लिए 14 परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा, ताकि अभ्यर्थियों को विभिन्न जिलों में पहुंचने में कोई परेशानी न हो। साथ ही प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं। रेलवे अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है, और अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे रेलवे ट्रैक पर न उतरें और दिशा-निर्देशों का पालन करें।
अधिकारियों का मानना है कि अतिरिक्त ट्रेनों, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के उपायों से इस बार यात्रा को सुगम बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि पहली बार जैसी स्थिति न दोहराई जाए।









