रोहतास में ई-कॉमर्स धोखाधड़ी का पर्दाफाश
बिहार के रोहतास जिले में एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है, जिसने लाखों रुपये की धोखाधड़ी कर ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट (Flipkart) को बड़ा नुकसान पहुंचाया। यह गिरोह महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य कीमती वस्तुएं ऑनलाइन मंगवाकर उन्हें नकली या कम कीमत वाले सामान से बदल देता था, फिर रिटर्न के नाम पर असली उत्पाद वापस भेज देता था।
जांच में मिली संगठित धोखाधड़ी की जानकारी
डेहरी क्षेत्र में लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि यह धोखाधड़ी का नेटवर्क काफी योजनाबद्ध तरीके से संचालित हो रहा था, जो लंबे समय से ई-कॉमर्स कंपनियों को निशाना बना रहा था। इस गिरोह का मुख्य संचालन समस्तीपुर (Samastipur) जिले के कुछ युवाओं द्वारा किया जा रहा था।
गिरफ्तार मुख्य आरोपी और बरामद सामान
पुलिस ने इस गिरोह के मास्टरमाइंड सत्यकाम चौधरी (Satykam Choudhary) को गिरफ्तार किया है, जो उजियारपुर (Ujiarpur, Samastipur) का निवासी है। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अमर राजा, चंदन कुमार, प्रदीप कुमार और हर्षल कुमार को भी हिरासत में लिया। इनके पास से एक महंगा कैमरा, सात मोबाइल फोन, दो लैपटॉप और एक कार भी जब्त की गई है।
पुलिस अब इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस धोखाधड़ी का दायरा कितना बड़ा था और कितनी कंपनियों को नुकसान पहुंचाया गया। साथ ही, जांच एजेंसियां इन आरोपियों के बैंक खातों और ऑनलाइन लेन-देन की भी पड़ताल कर रही हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के साथ एक विशेषज्ञ व्यक्ति भी शामिल है, जिसे हर महीने करीब 40 हजार रुपये दिए जाते थे। यह व्यक्ति रिटर्न प्रक्रिया में तकनीकी खामियों का पता लगाता था और गिरोह को नए धोखाधड़ी के तरीके सुझाता था। पुलिस उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है।









