सीआरपीएफ कमांडो संजय तिवारी को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया
रीवा पहुंचने पर, शौर्य चक्र प्राप्त करने वाले सीआरपीएफ के बहादुर कमांडो संजय तिवारी का भव्य स्वागत किया गया। दिल्ली गांव के निवासी संजय को जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान उनके अदम्य साहस और वीरता के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया है। इस अभियान में उन्होंने अपने प्राणों की परवाह किए बिना आतंकियों का सामना किया और एक आतंकी को मार गिराया।
आतंकियों के खिलाफ साहसिक कार्रवाई और वीरता
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ चलाए गए इस विशेष अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) के आतंकियों की उपस्थिति की सूचना मिली। इसके बाद इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। तलाशी के दौरान आतंकियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिससे स्थिति अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गई। भारी गोलीबारी के बीच संजय तिवारी अग्रिम मोर्चे पर डटे रहे। इस दौरान उन्हें तीन गोलियां लगीं, जिनमें से घुटने और शरीर के अन्य हिस्से भी प्रभावित हुए। बावजूद इसके, उन्होंने अपने मिशन को नहीं छोड़ा।
साहस और देशभक्ति का प्रतीक बन गए संजय तिवारी
गंभीर चोट के बावजूद, संजय तिवारी ने जवाबी कार्रवाई जारी रखी और एक आतंकवादी को मार गिराया। उनके इस अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए उन्हें देश का प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। रीवा में पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने अपने वीर सपूत का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके प्रति सम्मान एवं गर्व व्यक्त किया। संजय तिवारी की यह बहादुरी की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है, जो देशभक्ति और साहस का प्रतीक है।









