दिल्ली के मालवीय नगर में भीषण अग्निकांड की जांच तेज
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे बीएंडबी में हुई आगजनी की घटना पर जांच प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है। इस बीच, फरार चल रहे आरोपी जय मिश्रा ने साकेत कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में पहले ही दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। अब दिल्ली पुलिस ने आग लगने के कारणों और तेजी से फैलने की वजहों को समझने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT Delhi) की विशेषज्ञता का सहारा लेने का निर्णय लिया है।
आग के पीछे की वजहें और आरोपी की भूमिका की जांच
जानकारी के अनुसार, होटल के मालिक लवकेश बजाज ने अपने होटल का लाइसेंस जय मिश्रा के नाम पर प्राप्त किया था। जांच में यह भी सामने आया है कि होटल और उसकी संपत्ति का संचालन जय मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका थी। इसी आधार पर पुलिस उसकी भूमिका की भी गहराई से जांच कर रही है। जय मिश्रा के गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उससे पूछताछ करने का अवसर प्राप्त करेगी। इससे पहले, पुलिस ने होटल के मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार किया था, जिन पर गैर-इरादतन हत्या समेत कई गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस का आरोप है कि होटल संचालन के दौरान कई नियमों का उल्लंघन किया गया।
आग लगने के कारणों की वैज्ञानिक जांच और कानूनी कार्रवाई
जांच के दौरान, पुलिस ने होटल के रसोइए केशव नेगी को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस का मानना है कि शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी हो सकती है। हालांकि, केशव नेगी ने इस दावे को खारिज किया है और अदालत में जमानत याचिका दायर कर कहा है कि उन्हें गलत तरीके से जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
मालवीय नगर के हौजरानी इलाके में स्थित इस होटल में 3 जून को सुबह लगभग साढ़े आठ बजे भीषण आग लगी थी। आग इतनी तेजी से फैल गई कि पांच मंजिला इमारत पूरी तरह से जल गई। इस हादसे में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 13 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इस त्रासदी ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है।
पुलिस ने यह भी पता लगाया है कि होटल को दिल्ली सरकार की बेड एंड ब्रेकफास्ट नीति के तहत केवल छह कमरों के संचालन की अनुमति थी, जबकि वहां 25 कमरे चल रहे थे। इनमें से कुछ कमरे बेसमेंट में भी बनाए गए थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इन नियमों का उल्लंघन हादसे की गंभीरता को बढ़ाने में भूमिका निभाई या नहीं।
मामले में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है, जिनमें गैर-इरादतन हत्या, आग या विस्फोटक पदार्थों से क्षति, शरारत, जीवन या सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्य और लापरवाही से आग संचालन की धाराएं शामिल हैं।
आईआईटी दिल्ली की मदद से आग के कारणों का वैज्ञानिक विश्लेषण
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने आग के कारणों का वैज्ञानिक विश्लेषण करने के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली (IIT Delhi) से विशेषज्ञता लेने का निर्णय लिया है। पुलिस जल्द ही IIT दिल्ली को पत्र लिखेगी, जिसमें होटल की संरचना का अध्ययन करने और यह पता लगाने का अनुरोध किया जाएगा कि आग इतनी तेजी से पूरे भवन में कैसे फैल गई। विशेषज्ञ यह भी जांच करेंगे कि इमारत की संरचना में ऐसी कौन सी विशेषताएं थीं, जिनकी वजह से आग ने कुछ ही समय में पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया।
पुलिस को उम्मीद है कि IIT दिल्ली की तकनीकी रिपोर्ट से इस हादसे के वास्तविक कारणों और आग फैलने के पीछे के महत्वपूर्ण तथ्यों का पता चल सकेगा। जय मिश्रा के सरेंडर, रसोइए की जमानत याचिका और IIT दिल्ली की जांच के प्रस्ताव के बाद यह मामला नए मोड़ पर पहुंच गया है। अब सभी की नजरें पुलिस की जांच और विशेषज्ञों की रिपोर्ट पर टिकी हैं, ताकि इस भीषण अग्निकांड की पूरी तस्वीर सामने आ सके।










