वेनेजुएला से भारत के तेल व्यापार में बढ़ोतरी का महत्व
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच वेनेजुएला (Venezuela) से भारत की तेल आपूर्ति में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है। दोनों देशों का मुख्य उद्देश्य अब कच्चे तेल के व्यापार को मजबूत बनाना है, ताकि भारत की ऊर्जा सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। इस संदर्भ में वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज (Delsi Rodriguez) ने 3 से 7 जून तक भारत का दौरा किया। इस यात्रा का मुख्य लक्ष्य भारत को सस्ते तेल की आपूर्ति बढ़ाना और खाड़ी देशों पर निर्भरता को कम करना है।
भारत-वेनेजुएला के बीच ऊर्जा और व्यापार सहयोग के नए आयाम
इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य सेवाएं और दवाओं के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। साथ ही ट्रांसपोर्ट और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी नए अवसर खोजने पर चर्चा हुई। उल्लेखनीय है कि डेल्सी रोड्रिगेज पहले भी भारत आ चुकी हैं, उन्होंने 2015 में विदेश मंत्री के रूप में पद संभाला था और अब तक चार बार उपराष्ट्रपति के रूप में भारत का दौरा कर चुकी हैं। यह उनका छठा भारत दौरा था, जो दोनों देशों के मजबूत संबंधों का संकेत है।
वेनेजुएला का तेल भारत के लिए क्यों है महत्वपूर्ण?
वेनेजुएला का तेल भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बनता जा रहा है। मई महीने में, समुद्री विश्लेषण फर्म केप्लर (Kpler) के अनुसार, वेनेजुएला भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति करने वाला पांचवां सबसे बड़ा देश था, जो प्रतिदिन लगभग 2 लाख 66 हजार बैरल तेल भेज रहा था। यह भारत के कुल तेल आयात का लगभग 5.3 प्रतिशत था। जून में यह मात्रा बढ़कर 4 लाख 27 हजार बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गई है, जिससे वेनेजुएला तीसरे सबसे बड़े तेल आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरा है।
इस वृद्धि के पीछे दो मुख्य कारण हैं। पहला, मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) संकट के कारण तेल की आपूर्ति प्रभावित होना। दूसरा, वेनेजुएला का भारी और हाई-सल्फर वाला कच्चा तेल बहुत ही सस्ता है, जिसे भारतीय रिफाइनरियां आसानी से प्रोसेस कर लेती हैं। 2019 में अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भारत ने वेनेजुएला से तेल की खरीद लगभग बंद कर दी थी, लेकिन अब राजनीतिक स्थिरता और अमेरिका का प्रोत्साहन इस देश से तेल खरीदने के लिए नई राह खोल रहा है।
वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है, जिसकी अनुमानित मात्रा 303 अरब बैरल है। यह विश्व के ज्ञात तेल संसाधनों का लगभग 17 प्रतिशत है, जो सऊदी अरब और अमेरिका से भी अधिक है। हालांकि, अमेरिकी प्रतिबंधों और राजनीतिक अस्थिरता ने वहां के तेल उत्पादन को प्रभावित किया है।
इस साल की शुरुआत में अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolas Maduro) और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया था। मादुरो को पद से हटा कर उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया। उन्होंने अमेरिका के साथ संबंध सुधारने और सहयोगी देशों के साथ मजबूत संबंध बनाने का प्रयास किया है, जिससे भारत के लिए वेनेजुएला से तेल खरीदने का रास्ता साफ हुआ है।










