खान ग्लोबल स्टडीज इंस्टीट्यूट में तोड़फोड़ और गोलीबारी का मामला
खान ग्लोबल स्टडीज इंस्टीट्यूट में हुई तोड़फोड़ और गोलीबारी की घटना के संबंध में दर्ज एफआईआर के बाद चर्चित शिक्षक खान सर की कानूनी परेशानियां बढ़ने लगी हैं। हालांकि, उनके वकील का तर्क है कि यह कार्रवाई उनके खिलाफ बदनाम करने की साजिश का हिस्सा है। वकील जल्द ही अदालत में एंटीसिपेटरी बेल की याचिका दाखिल करने की योजना बना रहे हैं।
कोचिंग सेंटर में हिंसा और गिरफ्तारी के पीछे का सच
आरोप है कि हमलावरों ने संस्थान के पोस्टर फाड़ दिए और वहां पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसी दौरान गोलीबारी की घटना भी हुई, जिसमें पुलिस ने कोचिंग सेंटर के दो सुरक्षा गार्डों को हिरासत में लिया। आरोप है कि इन गार्डों ने घटना के दौरान गोलियां चलाईं, लेकिन उनका दावा है कि वे अपने बचाव में गोलीबारी कर रहे थे।
वकील अरविंद कुमार महुआर ने कहा कि खान सर का नाम बदले की कार्रवाई के तहत एफआईआर में डाला गया है। उनके स्टाफ ने एक अन्य कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, जिसके प्रतिशोध में उन्हें फंसाया गया है।
कानूनी प्रक्रिया और आगे की रणनीति
वकील ने स्पष्ट किया कि खान सर सरेंडर नहीं करेंगे। वह सीधे अदालत में एंटीसिपेटरी बेल की याचिका दाखिल करेंगे और कानून के तहत उपलब्ध सभी विकल्पों का उपयोग करेंगे। उनके अनुसार, सोमवार को पटना सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की जा सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में सप्ताहांत के कारण अदालत की नियमित कार्यवाही नहीं हो रही है, लेकिन जैसे ही कोर्ट खुलेगा, कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उनका दावा है कि उनके मुवक्किल के खिलाफ कोई मजबूत या वास्तविक आरोप नहीं हैं। घटना के वीडियो में देखा जा सकता है कि सुरक्षा गार्डों ने हवा में गोलियां चलाईं।
इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। वकील ने यह भी आरोप लगाया कि खान सर का नाम केवल डिस्क्लोजर स्टेटमेंट के आधार पर एफआईआर में शामिल किया गया है, और उन्हें जानबूझकर फंसाने की कोशिश की जा रही है। उनका मानना है कि निष्पक्ष जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।









